Sunday, March 8, 2015

दमन में बसता है बहुत बड़ा यूपी और बिहार

दमन के हजारों को उद्योग धंधे में बिहार और यूपी के रहने वाले लाखों मजदूर और वरिष्ठ स्तर पर कर्मचारी काम करते हैं। इसलिए दमन की सड़कों पर हर तरफ भोजपुरी बोलने वाले बिहार और यूपी के लोग नजर आते हैं। दमन शहर में तीन सिनेमा घर हैं जिनमें सालों भर भोजपुरी फिल्में ही चलती हैं। मुझे  दमन के सोमनाथ जंक्शन के पास के सिनेमा घर में चल रही भोजपुरी फिल्म का पोस्टर नजर आता है- हमके दारू नाहीं मेहरारू चाहीं। फिल्म के निर्देशक नंद किशोर महतो हैं जबकि निर्माता राम सजन मौर्य हैं। फिल्म में भोजपुरी की लोकप्रिय अभिनेत्री रानी चटर्जी अपना जलवा बिखेर रही हैं। ऐसी फिल्मों के पोस्टर गुजरात के वापी की सड़कों पर भी नजर आते है।
वापी की कहानी भी कुछ दमन जैसी ही है। यहां  के सिनेमाघरों में भी सालों भर भोजपुरी फिल्में चलती हैं । यहां भी जगह जगह दिनेश लाल यादव निरहुआ की फिल्मों के पोस्टर नजर आते हैं। दमन में शिवरात्रि के मौके पर हुए भोजपुरी कार्यक्रम का पोस्टर नजर आता है जिसमें कई भोजपुरी स्टारों ने शिरकत की है। यहां दशहरा, दिवाली और दूसरे त्योहारों के मौकों पर भोजपुरी सितारों से सजी नाइट का आयोजन आम बात है। 


छठ में हो जाते हैं उद्योग बंद - मेरे दोस्त अजय सिन्हा बताते हैं कि छठ के समय वापी के तमाम उद्योगों में 15 दिनों तक छुट्टी हो जाती है, क्योंकि ज्यादातर मजदूर छुट्टी मनाने के लिए गांव  चले जाते हैं। ऐसे में उद्यमियों के लिए उत्पादन बंद करना मजबूरी बन जाती है। क्योंकि छठ और दीपावली में सारे मजदूर गांव जाना चाहते हैं। तकरीबन दो महीने दमन के उद्योग बंद रहते हैं।इस दौरान समय का सदुपयोग करने के लिए दमन के तमाम बड़े उद्यमी आस्ट्रेलिया, न्यूजलैंड, थाइलैंड आदि देशों के दौरे का अपना कार्यक्रम बनाते हैं।

मैं वापी रेलवे स्टेशन पर खड़ा हूं। अचानक याद आता है कि हमारे स्कूली दोस्त अजय सिन्हा इन दिनों दमन में ही हैं। फोन पर बात होती है। वे तुरंत आने के लिए कहते हैं। दमन से शेयरिंग आटो करके मैं पहुंच जाता हूं सोमनाथ जंक्शन।दमन का लोकप्रिय बाजारयहीं तक शेयरिंग आटो रिक्शा जाते हैं। थोड़ी दूर आगे बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा दिखाई देती है।

दमन की पुर्तगाली कालोनी। 


कोई 20 सालों बाद अजय से मुलाकात हुई है। इस दौरान उनकी नई पीढी में उनके दो बच्चों से भी मुलाकात होती है वासु और ओम। नौंवी क्लास में पढ़ने वाले वासु गजब के डांसर हैं वे रीतिक रोशन को अपना आदर्श मानते हैं। शाम को कहीं बाहर खाने की योजना बनती है। हम घूमते घूमते पहुंच जाते हैं देवका बीच पर ओसन इन होटल में। समुद्र के किनारे ओपन रेस्टोरेंट में। अजय ने आर्डर किया गावटी चिकेन। यानी गंवई स्टाइल में बना हुआ चिकेन। ओसन इन के कई मीनू में कई शाकाहारी डिश भी हैं। रेस्टोरेंट ओपन एयर सिटिंग है समंदर के किनारे। रात में यहां बैठकर खाने का आनंद अलग है। और इसका स्वाद तो लंबे समय तक याद रहेगा।
- विद्युत प्रकाश मौर्य -  vidyutp@gmail.com
 ( VAPI, GUJRAT, DAMAN, DADRA NAGAR HAWELI, SILWASA, BHOJPURI FILMS )

No comments:

Post a Comment