Tuesday, March 10, 2015

गुजरात की एक और सुस्त ट्रेन - कोसंबा -उमरपाडा नैरो गेज

गुजरात के सूरत जिले में एक और सुस्त नैरो गेज ट्रेन सौ साल से अधिक समय से चल रही है। ये गुजरात में तीसरा नैरो गेज नेटवर्क जो संचालन में है। यह है कोसंबा उमरपाडा के बीच। कोसंबा सूरत जिले का एक छोटा सा व्यापारिक शहर है। वहीं उमरपाडा सूरत जिले का ही एक तालुका है। इस तरह ये रेलवे लाइन पूरी तरह सूरत जिले में ही है। 

कुल 62 किलोमीटर लंबा मार्ग - कोसंबा उमरपाडा रेल मार्ग कुल 62 किलोमीटर लंबा है। दोनों स्टेशनों के बीच कुल 9 मध्यवर्ती स्टेशन हैं। इस तरह कुल स्टेशनों की संख्या 11 है। इस मार्ग पर दिन भर में सिर्फ एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन होता है। जो ट्रेन कोसंबा से जाती है वही वापस लौट आती है। 


आमतौर पर इसमें तीन से पांच डिब्बे लगाए जाते हैं। इसे जेडडीएम सीरीज का लोको खिंचता है। इस मार्ग पर जेडडीएम 528, जेडडीएम 529, जेडीएम 537 लोको संचालित किए जा रहे हैं। इस रेलमार्ग पर इतनी भीड़ होती है कि कई बार लोग नैरो गेज ट्रेन की छत पर भी सफर करते हुए दिखाई दे जाते हैं।

कोसंबा वैसे तो ब्रॉडगेज का भी रेलवे स्टेशन है, पर यहां नैरो गेज भी है। सुबह 9.30 बजे 52047 नैरो गेज पैसेंजर कोसंबा जंक्शन से खुलती है। ये ट्रेन हौले हौले चलते हुए दोपहर 1.45 बजे उमरपाडा पहुंचती है। यानी कुल 62 किलोमीटर का सफर 4 घंटे 15 मिनट में तय करती है। औसत गति हुई 15 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम। तो ये प्रतापनगर जंबुसर की तरह ही सुस्त गति से चलने वाली ट्रेन है। रेल यात्री सलाहकार समिति इस ट्रेन की स्पीड बढ़ाने की कई बार मांग कर चुकी है। पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।


ये है कोसांबा में इंजन को डीजल देने का इंतजाम। 


सन 1900 में बनी थी कोसंबा उमरपाडा नैरो गेज लाइन - कोसांबा उमरपाजा रेलवे लाइन का निर्माण 1900 ईश्वी में गायकवाड बड़ौदा स्टेट रेलवे के तहत ही किया गया। इसके वास्तुकार थे ब्रिटिश इंजीनियर एई थॉमस। रेलवे लाइन बिछाने का ठेका मिला था गुजरात के ठेकेदार रामजी धनजी को। उन्होंने बड़े दिल से काम किया। इतने दिल से कि इस लाइन के निर्माण में रामजी धनजी को एक लाख रुपये का घाटा हुआ। उस समय के हिसाब से ये बड़ा घाटा था, फिर भी उन्होंने रेलवे लाइन को समय पर पूरा करके दिया। इससे ब्रिटिश इंजीनियर इतने प्रभावित हुए कि उन्हें पूरे आगरा बीना खंड में पटरी बिछाने का काम प्रदान कर दिया।


कोसंबा उमरपाडा मार्ग के 11 रेलवे स्टेशन -  इस रेल मार्ग पर कुल 11 रेलवे स्टेशन पड़ते हैं। कोसंबा जंक्शन ,  वेलाछा, लिंबाडा, आसरमा, सिमोधरा, कोसाडी हाल्ट, मोटा मियां मांगरोल, वानेकाल, जानखाव, केवडी, उमरपाडा। पैसेंजर ट्रेन इन सभी रेलवे स्टेशनों पर रुकती हुई जाती है। इस मार्ग में पड़ने वाले इलाके के लिए ये रेलवे लाइन लाइफ लाइन की तरह है। स्थानीय आदिवासी समाज के लोग इस रेलवे लाइन पर पूरा स्नेह बरसाते हैं। 

इतनी दूरी यानी 62 किलोमीटर के सफर के लिए किराया है मात्र 15 रुपये। कोसांबा जंक्शन रेलवे स्टेशन मुंबई बड़ौदा ब्राड गेज मुख्य मार्ग पर स्थित है। यहां रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है कि उमरपाडा जाने के लिए गाड़ियां यहां बदलिए। कोसंबा जंक्शन पर एक प्लेटफार्म नैरो गेज के लिए निर्धारित है।

 - विद्युत प्रकाश मौर्य - Emai - vidyutp@gmail.com 

( GUJRAT NARROW GAUGE, KOSAMBA TO UMARPADA, SURAT  -  4)

2 comments:

  1. THANK YOU,SHRI PATIL SIR MP-SURAT-NAVSARI. THIS TRAIN IS LIFE LINE FOR TRIBAL .THERE WAS MASSIVE FLOOD IN 2011-12 AND ENTIRE RAILWAY TRACK WAS DAMAGE .THE FLOOD DAMAGE RESTORATION HAVE BEEN DELAYED ABNORMALLY.
    TRIBAL ARE HOPE FULL FOR THE ACTION FROM AUTHORITY .

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    1. thanks for your comments. pls send yr no on my email - vidyutp@gmail.com . we will talk.

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