Friday, April 11, 2014

सबसे पुराना विज्ञान केंद्र – बिरला टेक्नोलॉजिकल म्युजियम


कोलकाता शहर के तमाम स्थलों के बारे में जानने के लिए हमने एक किताब खरीदी। इस किताब में कोलकाता के दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी थी। साथ ही बस और ट्राम के रूट के बारे में भी जानकारी थी। इस किताब ने हमें कोलकाता के बारे में जानने में काफी मदद की। इसी किताब को पढकर एक दिन हम चल पडे बिडला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्युजियम। जब हमलोग एक बार इस विज्ञान केंद्र के अंदर घुस गए तो घंटो बाहर निकलने की इच्छा ही नहीं हुई। यहां पहुंचकर ऐसा लगा मानो मन की मुराद पूरी हो गई हो। विज्ञान के कई कौतुक में बडा आनंद आया। मनोरंजन के साथ साथ ज्ञान बढाने का ये बडा लोकप्रिय केंद्र है।

देश का सबसे पुराना विज्ञान केंद्र -  यह देश का सबसे पुराना विज्ञान केंद्र है। इस संग्रहालय की स्थापना 1959 में हुई थी। यह संग्रहालय भी नेशनल लाइब्रेरी की तरह संस्कृति मंत्रालय के तहत आता है। यह देश का सिरमौर विज्ञान केंद्र है। यह अब भारत सरकार के अधीन है। इसके तहत ही पटना का श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र आता है। बंगाल के सिलिगुडी, पुरुलिया, बर्दमान और दीघा में भी क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र बनाए गए हैं।

बिधानचंद्र राय का आइडिया- कोलकाता में इस विज्ञान केंद्र को खोलने का आइडिया बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री डाक्टर बिधान चंद्र राय ने दिया था। क्योंकि वे खुद देश के जाने माने चिकित्सक थे, वे चाहते थे कि छात्रों के लिए ऐसा केंद्र बने जिसे देखकर उनकी रूचि विज्ञान में बढे। तब भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की मदद से इस संग्रहालय की शुरुआत की गई।

बिरला ने जमीन दान में दी - उद्योगपति घनश्याम दास बिडला ने इस संग्रहालय के लिए अपना बिरला पार्क 1956 में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरु के आग्रह पर दान में दिया। यहां पर उनका एक बंगला भी हुआ करता था। इसलिए संग्रहालय के साथ बिरला का नाम जुड गया। करीब तीन साल बाद ये विज्ञान केंद्र तैयार हुआ। तब केंद्र में शिक्षा मंत्री रहे प्रो हुमायूं कबीर ने इस केंद्र का उदघाटन किया। तब इस विज्ञान केंद्र की दीर्घाओं के निर्माण के लिए तत्कालीन देश के तमाम बडे वैज्ञानिकों की सलाह और सेवाएं ली गईं। इस विज्ञान केंद्र को देखकर पंडित नेहरु, हुमायूं कबीर की दूरदर्शिता का पता चलता है। वे चाहते थे नई पीढी धर्मभिरुता से आगे निकलकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तरक्की करे।

कई तरह की दीर्घाएं -  लोकप्रिय साइंस, टेलीविजन, पृथ्वी के बारे में, विद्युत, न्यूक्लियर फिजिक्स, बच्चों की दीर्घा इस विज्ञान के केंद्र के प्रमुख हिस्से हैं। बाद में यहां कई और दीर्घाएं जुडती चली गईं। यह इतना रुचिकर है कि आप यहां दिन भर गुजार सकते हैं। विज्ञान केंद्र के अलग अलग दीर्घाओं में छात्रों का ज्ञान बढाने के लिए कई तरह के शो का भी आयोजन समय समय पर होता रहता है।

कैसे पहुंचे - यह विज्ञान केंद्र कोलकाता के बॉलीगंज इलाके में स्थित है। यहां आप लोकल ट्रेन से या फिर बस से सुगमता से पहुंच सकते हैं। यह सुबह 10.30 बजे खुल जाता है। प्रवेश के लिए टिकट 10 से 50 रुपये के बीच है।  विज्ञान केंद्र की वेबसाइट - https://bitm.gov.in/
-    विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
-    ( BITM, KOLKATA, BIRLA INDUSTRIAL AND TECHNOLOGICAL MUSEUM )


No comments:

Post a Comment