Thursday, March 20, 2014

नैरो गेज: जयनगर जनकपुुर रेलमार्ग पर चलती थी रोज तीन जोड़ी रेल

आमतौर पर जयनगर जनकपुर नैरो गेज रेल मार्ग पर रोज तीन रेलगाड़ियों का संचालन दोनों तरफ से होता था। एक रेलगाड़ी सुबह में एक दोपहर में और एक दोपहर के बाद चलाई जाती थी। इन रेलगाड़ियों में भीड़ खूब होती थी।

मेले के समय 24 घंटे रेल - जनकपुर में त्योहार के समय में इस रेल मार्ग पर 24 घंटे ट्रेनें चलाई जाती थी। तब इसका कोई टाइम टेबल नहीं होता था। इस दौरान यात्रियों की भीड़ भी काफी बढ़ जाती थी। लेकिन कई बार इंजन में खराबी आने के कारण इस रेलमार्ग पर परिचालन बंद करना पड़ता थाजिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।

 


2014 में बंद हुई रेल - आमान परिवर्तन की शुरुआत होने के बाद साल 2014 में जयनगर जनकपुर नैरोगेज रेल खंड पर रेलगाड़ियों का संचालन बंद कर दिया गया। इस रेल नेटवर्क की पटरियां पुरानी पड़ चुकी थीं। कोच और लोकोमोटिव भी आधुनिकीकरण की जरूरत महसूस कर रहे थे।

 

जयनगर जनकपुर रेलमार्ग नेपाल के व्यापारियों में भी काफी लोकप्रिय था। जयनगर जनकपुर रेल सेवा अमान परिवर्तन के कारण बंद रहने से जनकपुर के व्यापारियों को समान ले जाने में भारी परेशानी होने लगी। जयनगर- मारड़ सड़क मार्ग का उपयोग करने की मजबूरी बन गई। इस सड़क मार्ग की हालत काफी खस्ता है।

जनकपुर रेलवे स्टेशन पर लगे बोर्ड पर पुरानी टिकट दरें। 


जयनगर जनकपुर रेल लाइन का भविष्य - 2010 में ममता बनर्जी के रेलमंत्रीत्व काल में जयनगर जनकपुर रेल मार्ग को ब्राडगेज में बदलने का प्रस्ताव भारत सरकार की ओर से रखा गया। ऐसा हो जाने के बाद भारत की ब्राडगेज ट्रेनों का नेटवर्क नेपाल के अंदर जा सकेगा। साथ ही ऐतिहासिक और धार्मिक शहर जनकपुर सीधे भारतीय रेल के ब्राडगेज नेटवर्क से जुड़ जाएगा। भारतीय रेल का समस्तीपुर रेल मंडल इस मार्ग पर नई रेल लाइन का निर्माण शुरू किया।

जयनगर से नेपाल के बर्दीवास तक बड़ी रेल लाइन बिछाने की अनुमति रेल मंत्रालय ने दे दी। इसमें से 40 किलोमीटर लंबा रेलमार्ग हिस्सा नेपाल में पड़ता है। इस रेलमार्ग निर्माण का बजट लगभग 470 करोड़ रुपये का है। जयनगर से जनकपुर तक 30 किलोमीटर लंबी नैरोगेज लाइन को बड़ी लाइन में बदलने का काम सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। ब्राडगेज लाइन के निर्माण कार्य शुरू होने के बाद 2014 में इस मार्ग पर रेलों का संचालन बंद कर दिया गया।

भारत सरकार की योजना जोगबनी से नेपाल के बिराटनगर को भी ब्राडगेज रेल नेटवर्क से जोड़ने की है। इन दोनों शहरों की दूरी महज 10 किलोमीटर है। वहीं नेपाल के लिए तीसरा रेल नेटवर्क न्यू जलपाईगुड़ी से भी जोड़े जाने की भी योजना है।
जनकपुर रेलवे स्टेशन पर : मैं जून 2015 में जनकपुर पहुंचा हूं। जानकी मंदिर के पास एक बैटरी रिक्शा वाले से कहता हूं मुझे रेलवे स्टेशन छोड़ दो। जनकपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर देख रहा हूं  कि नैरो गेज की पटरियों को उखाड़ दिया गया है। पटरियों को ब्राडगेज में बदलने का काम जारी है। पर जनकपुर रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत में पुराने साइनबोर्ड, टिकट घर, पुरानी टिकट की दरों के बोर्ड दिखाई दे जाते हैं। स्टेशन की दीवार पर मधुबनी पेंटिंग भी लगी हुई है। पर कुछ सालों में ये सब कुछ बदल जाएगा।  


जयनगर जनकपुर मार्ग के स्टेशन

1        जयनगर     2 खजूरी

3       महिनाथपुर   4. शहीद सरोजनगर हॉल्ट

5       बैदेही               6. प्रभा

7       जनकपुरधाम   ( जयनगर से जनकपुर के बीच रेलों का संचालन  2014 में बंद हो गया )

8. पीपराढी    9       लोहारपट्टी

10 सिंगाही    11   बिजलीपुरा

जनकपुर धाम से आगे रेलों का संचालन 2001 में बंद हो गया )

 

जयनगर जनकपुर मार्ग – एक नजर

 

शुरुआत    1928  - बंद     2014

 

गेज – नैरो गेज ,   2  फीट 6 इंच ( 762 मिलीमीटर)

 

कुल स्टेशन - 11 ,  कुल दूरी - 50 किलोमीटर

 

कहां से कहां तक – जयनगर (भारत) से बिजलीपुरा ( नेपाल)

 


और ब्रॉडगेज पर दौड़ने लगी जयनगर जनकपुर रेल

भारत - नेपाल के संबंधों में 18 सितंबर 2020 का दिन ऐतिहासिक हो गया। इस दिन बिहार के जयनगर से नेपाल स्थित जनकपुर के कुर्था के लिए स्पेशल डीएमयू ट्रेन रवाना हुई। नवनिर्मित जयनगर-वर्दीवास ब्रॉड गेज रेलखंड के लिए कोंकण रेलवे द्वारा द्वारा नेपाल को दो-दो डीएमयू सेट प्रदान किए गए हैं। इन डीएमयू सेट का निर्माण आईसीएफ चेन्नई की ओर से किया गया है। 



- - 
इस डीएमयू ट्रेन में कुल पांच कोच हैं। पहली ट्रेन के ट्रायल के रूप में दौड़ते ही इलाके के लोगो में खुशी की लहर देखने लायक थी। आस-पास के लोगों ने ट्रेन को देखने बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशन का रूख किया।  जयनगर वर्दीवास रेलखंड पर प्रथम फेज में जयनगर कुर्था वाया जनकपुर (नेपाल) 34 किलोमीटर मार्ग का निर्माण 2019 में ही पूरा हो गया था। इस मार्ग का निर्माण इरकॉन ने किया  है।


विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
(JANAKPUR DHAM, JAINAGAR, NARROW GAUGE RAIL, NEPAL, BIHAR )



No comments:

Post a Comment