Monday, January 13, 2014

हरियाली के संग दौड़ लगाती अगरतला पैसेंजर


सटर-पटर...सटर-पटर...सटर-पटर...अगरतला पैसेंजर अपनी रौ में आगे बढ़ती जा रही है। आने वाला हर रेलवे स्टेशन हमारे लिए नया है। इसलिए मेरा पूरा ध्यान बांई और दांई तरफ खिड़की के बाहर है। असम के गांव, घर खेत खलिहान दिखाई दे रहे हैं जो एक एक कर पीछे छूटते जा रहे हैं। 

हमारे साथ अगरतला जा रहे शमीम साहब कहते हैं देखिए हर घर के आगे एक तालाब जरूर बना हुआ है। घर के लोग अपनी पानी की दैनिक जरूरतें अपने घर के आगे बने तालाब से ही पूरी करते हैं। उसमें बरतन धोना
, कपड़े धोना नहाना सब कुछ। तांबूल के पेड़ बहुतायत हैं। कहीं कहीं घाटियां आ जाती हैं तो कहीं कहीं-कहीं पहाड़ों को काटकर बनाई गई सुरंगें। जहां तक आपकी नजर जाती है हरितिमा का विस्तार नजर आता है। कुदरत के कैनवस पर बनी अद्भुत पेंटिंग जिसे देखते हुए जी नहीं भरता। ट्रेन तो ऐसे कुलांचे भर रही है मानो डीजल से नहीं हरे भरे मौसम से चार्ज होकर ऊर्जा प्राप्त कर रही हो। 


चुराईबाड़ी- त्रिपुरा का पहला रेलवे स्टेशन। 

इलाके के लोगों की लंबे संघर्ष के बाद साल 2008 में अगरतला रेल नेटवर्क पर आया। इससे पहले कुमार घाट तक ही रेल आती थी। ये लाइन अभी मीटर गेज है। इसे ब्राडगेज में बदलने का काम भी अब तेजी से चल रहा है। हालांकि देश में 1990 के बाद से सभी मीटरगेज लाइनों को ब्राडगेज में बदलने के लिए यूनीगेज पॉलिसी पर काम हो रहा है। पर साल 2008 में अगरतला को रेलने टवर्क से जोड़ा गया तो मीटर गेज लाइन को धर्मनगर से अगरतला तक विस्तार दिया गया। इस लाइन पर बहुत धीरे धीरे काम हुआ। रेलवे के इतिहास में यह भी अनूठा उदाहरण है कि कुछ साल पहले नई बिछाई गई धर्मनगर से अगरतला के बीच मीटरगेज लाइन को अब ब्राडगेज में बदला जा रहा है। 

 और आ गया चुराईबाड़ी। ये त्रिपुरा में प्रवेश करने के बाद पहला रेलवे स्टेशन है। इसके बाद आया धर्मनगर। साल 2008 से पहले धर्मनगर तक ही त्रिपुरा में रेलवे लाइन हुआ करती थी। धर्मनगर के बाद कुमारघाट और मनु जैसे प्रमुख स्टेशन आए। धर्मनगर के बाद बारामूरा सुरंग से होकर हमारी रेल गुजरी जो 1126 मीटर लंबी है। एक किलोमीटर से लंबी इस सुरंग से ट्रेन के गुजरते वक्त अंधेरा छा जाता है। धर्मनगर के आगे पणिसागर, पांचेरताल, कुमाघाट, नालकाटा, मनु, एसकेपारा, अंबासा जैसे स्टेशन आए। इसके बाद आया तेलीमुरा फिर जिरानिया। अब हम अगरतला के काफी करीब पहुंच चुके हैं। 


तेलीुरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी अगरतला पैसेंजर 

शाम होने लगी है। ट्रेन अपने निर्धारित समय 17.35 से 10 मिनट पहले ही अगरतला पहुंच गई है। अगरतला रेलवे स्टेशन की इमारत अत्यंत सुंदर है। अगरतला रेलवे स्टेशन की सफेद की रंग की लंबी चौड़ी इमारत राजभवन जैसी लगती है। इसे बाहर से उज्ज्यंत पैलेस के जैसा बनाया गया है। रेलगाड़ी से उतरे के बाद हमें पता चला कि शहर का मुख्य चौराहा बट्टला यहां से 5 किलोमीटर आगे है। रेलवे स्टेशन से शेयरिंग आटो रिक्शा मिल रहे हैं।

त्रिपुरा में अगरतला से 110 किलोमीटर आगे सबरूम तक रेलमार्ग के विकास का काम तेजी से चल रहा है। कुछ सालों में त्रिपुरा हर हिस्से में रेल होगी। अगरतला से बांग्लादेश के बार्डर अखौरा को भी रेल से जोड़ा जा रहा है। इस मार्ग से बांग्लादेश की राजधानी ढाका भी रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी।
-    - विद्युत प्रकाश मौर्य-vidyutp@gmail.com 
      (यात्रा - दिसंबर 2013 )  
( कुमारघाटधर्मनगरमनुबारामूरा सुरंग , AGARTALA, KUMARGHAT, DHARMNAGAR, MANU, BARAMURA TUNNEL, METER GAUGE ) 
Marinos Guest house, M -8414953484 ( Near Railway Stn.
अगरतला रेलवे स्टेशन का भवन। 




No comments:

Post a Comment