Sunday, October 27, 2013

राजगीर -गर्म जल कुंड में स्नान से रोग होते हैं दूर

बिहार की सबसे लोकप्रिय पर्यटन नगरी राजगीर का प्रमुख आकर्षण है गर्म जल कुंड में स्नान करना। चाहे ये स्नान आस्था भाव से हो या फिर सेहत के लिहाज से हर राजगीर आने वाला सैलानी या श्रद्धालु गर्म जल कुंड में स्नान जरूर करता है।

वैसे सर्दियों में जल कुंड में स्नान करने वालों की भीड़ ज्यादा होती है। पर गर्मी में भी लोग यहां जमकर स्नान करते नजर आते हैं। राजगीर का ब्रह्मकुंड बिल्कुल केंद्र में स्थित है। यहां से शांति स्तूप की चढाई थोड़ी दूर पर ही है।


अद्भुत है ब्रह्म कुंड - महाभारत में राजगीर को उष्ण झरनों वाला इलाका यानी तापदा कहा गया है। पौराणिक कहानियों के मुताबिक ब्रह्मा के ताप से इसका पानी गर्म होता है। इसलिए इसे ब्रह्म कुंड नाम से पुकारा जाता है। आज भी राजगीर में विभर पहाड़ के निचले हिस्से पहाड़ों से निकलने वाले कई उष्ण प्रकृति के झरने हैं। इन झरनों में सबसे अधिक गर्म ब्रह्म कुंड है जिसका पानी 45 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रहता है। ये झरने बीमारों को आकर्षित करते हैं। माना जाता है कि इनमें स्नान से चर्म रोग समेत कई बीमारियां दूर हो जाती हैं।

ब्रह्मकुंड में उतरने से पहले उपर कतार में कई झरने बने हैं जिनमें शेर के मुखाकृति से पानी आता है। कुंड में उतरने से पहले लोग इसमें स्नान करते हैं। इसका पानी अपेक्षाकृत कम गर्म है। इसमें स्नान के बाद ही कुंड में उतरना चाहिए। भीड़ होने पर आपको कुंड में डुबकी लगाने का ज्यादा वक्त नहीं मिलता। इधर कुछ सालों से गर्म जल कुंड में पानी कम होता जा रहा है। इसमें आने वाले पानी का स्रोत सूखने लगा है। 


इस ब्रह्मकुंड से स्नान करके निकलने के बाद आपको पंडे घेरने की कोशिश में लग जाते हैं। वास्तव में आसपास पंडों का रैकेट चलता है। वे आपको स्नान के बाद कई तरह के संस्कार कराने की बात करते हैं। तो आप उनसे थो़ड़ा बचकर ही रहें।

अब बना एक नया स्विमिंग पुल-  अब बिहार सरकार ने ब्रह्मकुंड के पास ही एक नया स्विमिंग पुल ( जल विहार) और पार्क बनवा दिया है। इसमें आप ठंडे जल में देर तक स्नान कर सकते हैं। इसमें प्रवेश के लिए 25 रुपये का टिकट है। गर्म पानी के कुंड में स्नान के बाद या पहले आप लंबे समय तक शीतल जल के तरण ताल में स्नान का मजा ले सकते हैं।

स्विमिंग पुल के पास एक कैफटेरिया भी है। यहां पर आप थोड़ी सी पेट पूजा कर सकते हैं। पहले गर्म फिर शीतल जल में स्नान के बाद चाय की चुस्की लेने की इच्छा होती है। इसके बाद चलते हैं आगे के सफऱ पर। रेलवे स्टेशन से हम तांगे से सबसे पहले गर्म जल कुंड पर ही पहुंचे हैं। तो अब चलते हैं आगे।
  
गुरुनानक देव जी और राजगीर अपने लंबे सफर के दौरान गुरू नानक देव जी भी राजगीर आए थे और यहां झरने में स्नान किया था। उनकी याद में ब्रह्म कुंड के पास एक गुरूघर ( गुरूद्वारा ) भी बना है। देश भर से सिख श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( BIHAR, RAJGIR, BRHAM KUND, BATH, NALANDA )

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