Thursday, November 14, 2013

राजगीर - घोड़ा कटोरा झील - प्राकृतिक पथ पर सुहाना सफर


अगर आप राजगीर जाएं तो घोड़ा कटोरा झील जाने के लिए वक्त जरूर निकालें। यह राजगीर की वादियों में एक शानदार ट्रैकिंग है प्रकृति के संग संवाद का सुनहरा मौका है। घोड़ा कटोरा झील तक कोई मोटर वाहन नहीं जाता। बिहार सरकार ने प्रदूषण मुक्त रखने के लिए इसे मोटर वाहनों से पूरी तरह दूर रखा है। ये बिहार में इको टूरिज्म का सुंदर नमूना है। घोड़ा कटोरा झील के रास्ते व क्षेत्र का प्रबंधन बिहार सरकार का वन विभाग करता है।

घोड़ा कटोरा के बारे में कहा जाता है कि ये महाभारत काल में महाराजा जरासंध का अस्तबल था। विश्वशांति स्तूप के पास से घोड़ा कटोरा झील जाने के लिए तांगा बुक कराना पड़ता है। दूसरा तरीका अपनी साइकिल या किराए की साइकिल से जाना है। विश्व शांति स्तूप से घोड़ा कटोरा झील का सफर साढ़े छह किलोमीटर का है। ये रास्ता कच्ची सड़क का है। इस पर डामर बिछा दिया गया है।


तांगे से कच्चे रास्ते पर सुहाना सफर -
घोडा कटोरा झील तक जाने का ये रास्ता ही अपने आप में अत्यंत मनोरम है। घोड़ा कटोरा जाने के लिए तांगा का किराया प्रति व्यक्ति 100 रुपये तय है। इसमें आने और जाने का किराया शामिल है। दुलकी दौड़ता घोड़ा और उसके गले में बंधी घंटी की आवाज यात्रा को और मनोरम बना देती है।  आपको पता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब भी राजगीर आते हैं तो वे घोड़ा कटोरा झील तक का सफर देवेंद्र यादव के राजधानी तांगे से करते हैं।


साइकिल लें किराए पर -

वैसे आप साइकिल से भी ये सफर कर सकते हैं। बिहार पर्यटन सैलानियों के लिए साइकिल का इंतजाम भी किया हुआ है। किराये की साइकिल का भी किराया 100 रुपये ही रखा गया है। तो ये घोड़ा कटोरा जाने का एक सस्ता और सुगम तरीका हो सकता है।


सुबह सुबह जाना बेहतर - अगर आप घोड़ा कटोरा झील में विहार के लिए जाना चाहते हैं तो अपना समय सुबह का रखें तो अच्छा रहेगा। क्योंकि यहां तीन बजे के बाद का जाने पर रोक है। घोड़ा कटोरा झील में आप नौका विहार का आनंद ले सकते हैं। प्रकृति की गोद में, अप्रतिम हरियाली के बीच घंटों नौका विहार का आनंद अविस्मरणीय रहेगा। यहां आप हवा और पानी की प्रतिध्वनि साफ तौर पर सुन सकते हैं।

यहां सैलानियों के लिए कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है। आप अपनी पसंद के खाने पीने का सामान साथ भी ले जा सकते हैं। बिहार पर्यटन नौका विहार करने वालों के लिए लाइफ जैकेट की सुविधा उपलब्ध कराता है। यहां सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते हैं। नए साल और छुट्टियों के दिन घोड़ा कटोरा में सैलानियों की भीड़ उमड़ती है। यहां अगर आप समूह में जाएं तो ज्यादा आनंद आएगा।


भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा - अब घोड़ा कटोरा झील में नया आकर्षण जुड़ गया है भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा। 70 फीट ऊंची भगवान बु्द्ध की विशाल प्रतिमा का अनावरण 25 नवंबर 2018 को हुआ। ये प्रतिमा घोड़ा कटोरा झील के बीचों बीच बनाई गई है। यह बिहार में भगवान बुद्ध की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा है। झील में नौका विहार करते हुए प्रतिमा को काफी करीब से देखा जा सकता है। इस प्रतिमा के निर्माण में दो करोड़ रुपये का खर्च आया है।  



घोड़ा कटोरा झील में बनी ध्यान चक्र मुद्रा की इस प्रतिमा के निर्माण में कारीगरों एवं इंजीनियरों को 547 दिन लगे हैं। इसमें 45 हजार घनफुट गुलाबी बलुआ पत्थर लगा है। इन पत्थरों को उत्तर प्रदेश के चुनार से मंगाया गया है। निर्माण दीपक हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के दीपक कुमार गौड़ और उनके सहयोगियों ने किया है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य -vidyutp@gmail.com

(BIHAR, RAJGIR, GHODA KATORA LAKE, ECO TOURISM, NALANDA )

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