Monday, December 9, 2013

शाम के पांच बजते ही बंद हो जाता है कोहिमा शहर

कोहिमा - शाम 5 बजे के बाद खाना नहीं ...
कोहिमा के रेस्टोरेंट में दोपहर का खाना खाने के बाद निकलते हुए मैंने रेस्टोरेंट वाले से पूछ लिया कि आपके यहां रात को कितने बजे तक खाना मिल जाता है। उसने कहा पांच बजे। मैंने अचरज किया। इतनी जल्दी। उसने कहा हां भाई साहब यहां शाम को पांच बजे सारी दुकानें बंद हो जाती हैं। ये सच्चाई है। कोहिमा में आज भी शाम को 5 बजे सारी दुकानों के शटर गिर जाते है। फुटपाथी दुकानें स्टाल आदि भी बंद हो जाते हैं। वैसे यहां 5 बजे सूरज भी ढल जाता है। 
इसके साथ ही सड़क पर सिटी बस टैक्सी और वाहनों की आवाजाही भी बंद हो जाती है। अगर आप शाम को 5 बजे के बाद सड़क पर निकलते हैं तो यह आपके रिस्क पर है। पुलिस से भी किसी सुरक्षा की उम्मीद मत किजिए। लोगों ने अपने आदत में शुमार कर लिया है पांच बजे सब कुछ बंद कर घर में बंद हो जाने को। ऐसा क्यों है। 
कई साल से चली आ रही परंपरा - कई साल पहले से यहां शाम को 5 बजे के बाद अलग अलग अंडरग्राउंड संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता आ जाते हैं। आते जाते लोगों को लूट लेते हैं। विरोध करने पर मार सकते हैं। इसलिए लोग सारा कारोबार बंद कर देना ही बेहतर समझते हैं। हालांकि अब कोहिमा शहर की फिजां काफी बदली है लेकिन लोगों का 5 बजे सब कुछ बंद कर देने का अनुशासन नहीं बदला है।


कोहिमा बस स्टैड के पास बोनांजा लॉज...

अगर आप किसी अच्छे होटल में हैं तो अपने मैनेजर को कमरे में रात का खाना भिजवाने का निर्देश दे सकते हैं। वर्ना आप रात के खाने पीने का सामान दिन में ही पैक कराकर अपने कमरे में ले जाएं। या दूसरा विकल्प है कि भूखे पेट ही सो जाएं। 
हालांकि नागालैंड में सुबह भी शेष भारत से 40 मिनट पहले ही हो जाती है। मैं नवंबर के आखिरी महीने में वहां पहुंचा था। सुबह 5 बजे उजाला हो जाता था। और सवा पांच बजे तक तो सूरज की लालिमा नजर आने लगती है। तो कोहिमा शहर की दुकानें भी सुबह 5 बजे ही खुल जाती हैं। सुबह छह बजे तक सभी होटलों में सुबह का नास्ता और खाना मिलना भी शुरू हो जाता है। अगर आप 5 बजे जग जाते हैं तो शाम 5 बजे तक भी दिन काफी बड़ा लगता है। यहां घरों में रहने वाले भी ज्यादातर लोग शाम 7 बजे तक भोजन करके रात 9 बजे तक जरूर सो जाते हैं। 


तो अगर आप नागालैंड के दौरे पर हैं तो सुबह जल्दी उठकर घूमने और शाम को जल्दी होटल में लौट आने की आदत डालें। अगर किसी के घर के मेहमान हैं तो भी आपको ऐसा ही करना पड़ेगा। हां अच्छी बात ये है कि यहां बाजार चहल पहल भी सुबह 5 बजे से ही शुरू हो जाती है। 
विद्युत प्रकाश मौर्य 

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