Monday, June 24, 2013

समंदर से घिरा दीव का किला


दीव भ्रमण में हमारा पहला पड़ाव है दीव का किला। किला शाम को 5 बजे बंद हो जाता है इसलिए आटो वाले पहले हमें किले पर ही लेकर आए। समंदर का नजारा तो देर शाम भी किया जा सकता है। दीव शहर में आकर्षण का मुख्य केंद्र यहां का किला है। दीव की मुख्य शहर को ही फोर्ट रोड कहते हैं। मुख्य बाजार वाली सड़क यानी मरीन ड्राइवर पर चलते जाएं आप किले के मुख्य द्वार तक पहुंच जाएंगे। दीव का किला करीब 57 हजार वर्ग मीटर में फैला है। इस किले को एशिया के पुर्तगालियों के किले में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

दीव का किला तीन दिशाओं में समुद्र से घिरा है। जबकि चौथी दिशा में एक छोटी सी नहर इसकी सुरक्षा करती है। इसी दिशा में किले का प्रवेश द्वार है। इस किले का निर्माण गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने पुर्तगालियों से संधि के तहत मु़गल आक्रमण से बचाव के लिए 1535 में करवाया था। बाद में ये किला पुर्तगालियों के कब्जे में आ गया। 1546 में वायसराय डी जीओ ने इसका पुनर्निर्माण कराया। प्रवेश द्वार के पास है सेंट जार्ज बुर्ज। इस पर कई तोपों की तैनात रहती थीं।

उस दौर में किले की सभी बुर्जों पर तैनात की गई कई तोपों आज भी देखा जा सकता है। इन सभी बुर्जों का नाम ईसाई संतों के नाम पर किया गया है। इन सब तोपों का मुहं समंदर की ओर है। हालांकि बदलते वक्त के साथ धीरे-धीरे इन तोपों का क्षय होता जा रहा है।

किले के अंदर बड़े शस्त्रागार भी बने थे। इसके अलावा संकट काल में भागने के लिए कई सुरंगे भी बनाई गई थीं। दीव के किले में प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है। अगर आप दीव के किले में पहुंचे तो किले में सबसे ऊंचाई पर बने लाइट हाउस में जरूर जाएं। लाइट हाउस में जाने के लिए दो रुपये का टिकट लेना पड़ता है। इस लाइट हाउस की छत से बहुत दूर का अरब सागर का दिलकश नजारा दिखाई देता है।



राजा रानी जल कुंड - सन 1650 में बने संत लूसिया बुर्ज को किले के पूर्वी छोर पर देखा जा सकता है। संत लूसिया बुर्ज और मुख्य द्वार के बीच राजा रानी जल कुंड बना है। इस कुंड में बरसाती जल संग्रह करने का बेहतरीन इंतजाम किया गया था। दीव के किले में ही आजकल दीव की जेल बना दी गई है। हालांकि इसमें कैदी कम ही रहते हैं। दीव के इस किले में अमिताभ बच्चन के फिल्म तूफान की शूटिंग हुई है। दीव के इस किले को घूमने के लिए तीन घंटे का वक्त चाहिए। किले के अंदर राज्यपाल का निवास भी बना है।


 दीव 1961 तक पुर्तगाल के कब्जे में था। इसलिए किले में पुर्तगालियों से जुड़ी स्मृतियां हैं। पुर्तगाली चर्च के अलावा यहां युद्ध के हथियारों की स्मृतियां हैं। किले के अंदर ही दीव की जेल भी है। दीव में अपराध बहुत कम है इसलिए जेल में कैदी दो चार ही रहते हैं। किले को देखकर लगता है कि इसकी सुरक्षा को अभेद्द बनाने के लिए खूब पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

किले की सुरक्षा अभेद्द -किले को देखकर लगता है कि इसकी सुरक्षा को अभेद्द बनाने के लिए खूब पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किले के अंदर भागने के लिए कई सुरंगों का भी निर्माण किया गया है। ये किला पुर्तगालियों का हैलेकिन पुर्तगालियों से पहले भी दीव का इतिहास है।  किले के अंदर संत लुसिया बुर्ज और टावर हाउस है। यहां समंदर का नजारा अदभुत दिखाई देता है। किले में प्रवेश का कोई टिकट नहीं हैलेकिन किले में प्रवेश शाम को पांच बजे के बाद बंद हो जाता है।
दीव किले का लाइट हाउस। इस पर जाने के लिए 2 रुपये का टिकट लगता है। -

समंदर के बीच पानी कोठा - दीव के किले से समुद्र का नजारा देखते ही बनता है। किले के सामने समुद्र के अंदर की दिशा वाले हिस्से में किले जैसी एक और छोटी सी इमारत है। इसे पानीकोठा कहते हैं। सर क्रीक के मुहाने पर बने होने के नाते इसे दूर से ही देखा जा सकता है। स्थानीय लोग पानीकोठा को कालापानी जेल बताते हैं। किले से कुछ दूर ही फेयरी जेट्टी है। जहां से बोट में बैठ कर आप पानी कोठे के आसपास सैर के लिए जा सकते हैं। दीव का टूरिज्म विभाग इसके लिए बोट का संचालन करता है।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
 ( DIU FORT, SEA, PANI KOTHA ) 

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