Sunday, September 8, 2013

कुरुक्षेत्र में शेख चिल्ली की मजार पर – हरियाणा का ताजमहल


नरकातारी से आगे बढ़ने हम कुरुक्षेत्र के एक मध्यकालीन ऐतिहासिक धरोहर के पास पहुंच गए हैं। ये सूफी संत शेख चिल्ली मजार। ये भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित इमारत है। शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र के बाहरी इलाके में एक ऊंचे टीले पर बनाया गया है। अपनी सुंदरता के कारण इसे हरियाणा का ताजमहल भी कहा जाता है।

ये मकबरा बहुत ही खूबसूरत है जो मुगल वास्तुकला का सुंदरता से बखान करता प्रतीत होता है। मुख्य इमारत ताजमहल की तरह संगमरमर से बनी है और ऊपर एक गुंबद भी है। मकबरे के परिसर में चार बाग के स्टाइल में उद्यान भी बना हुआ है। 

दारा शिकोह के गुरु शेख चिल्ली - शेख चिल्ली का नाम अब्दुर रहीम उर्फ अब्दुर करीम उर्फ अब्दुर रजाक बताया जाता है। शेख चिल्ली का नाम सुनते ही शेखी बघारने वाले किसी व्यक्ति का ध्यान आ जाता है, क्योंकि बड़बोले और झूठ बोलने वाले को शेख चिल्ली कहा जाता है। पर ऐसा नहीं है। शेख चिल्ली एक विद्वान, एक सूफी संत और एक आध्यात्मिक शिक्षक हुआ करते थे।
मुगल बादशाह शाहजहां का बेटा दारा शिकोह के बारे में कहा जाता है कि वह शेख चिल्ली का शिष्य और एक बड़ा प्रशंसक था। बताया जाता है शेख चिल्ली से राजकुमार ने कई महत्त्वपूर्ण बातें सीखी थीं।

कहा जाता है कि दारा शिकोह ने शेख चिल्ली के जीते जी इस इमारत को 1650 के आसपास बनाया और उनकी मृत्यु के बाद उन्हें इसी इमारत में नीचे तहखाने में दफना दिया। बाद में  इसका नाम शेख चिल्ली के मकबरे के नाम से ही मशहूर हो गया। इस मकबरे के ठीक बगल में सूफी संत कि पत्नी की भी कब्र बनाई गई है। इसका निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है।

इस मकबरे की स्थापत्य-शैली, संगमरमरचित्तीदार लाल पत्थर, पांडु रंग का बलुआ पत्थर, लाखोरी ईंट, चूना-सुर्खी और रंगी टाइलों के प्रयोग होने के कारण इसको शाहजहां के काल का माना जाता है। मकबरे के अंदर एक संग्रहालय भी बना हुआ है। यहां आने वाले सैलानी इसे भी देखने जाते है।
शेख चिल्ली के मकबरे की बाहरी दीवारें भी काफी कलात्मक है। आजकल यहां तफरीह करने वालों का जमावड़ा लगता रहता है।

कभी बगल से गुजरती थी जीटी रोड - ऐसा प्रतीत होता है कि महान शासक शेरशाह सूरी द्वारा बनवाई ग्रैंड ट्रंक रोड भी इसी मकबरे के प्रवेश द्वार से सामने से होकर गुजरती थी। हालांकि आजकल जीटी रोड यहां से काफी दूर है। मकबरे से कुछ दूर स्थित एक प्राचीन पुलिया और कोस मीनार होने से यहां कभी जीटी रोड के होने के बारे में पता चलता है। सड़क गुजरने वाला यह स्थान आज भी दर्रा खेड़ा के नाम से प्रसिद्ध है। इसके उत्तरी छोर पर पर कोटे से घिरा हर्षवर्धन पार्क है। यहां कभी सराय और अस्तबल हुआ करता था। यह भी शेरशाह सूरी की बनवाई सड़क पर ही स्थित है। ऐसा माना जाता है कि यात्री और सैनिक जब कभी इस मार्ग से गुजरते थे तो थकान मिटाने के लिए यहां रुकते थे। 

कैसे पहुंचे - शेख चिल्ली का मकबरा हरियाणा की ऐतिहासिक जगह कुरुक्षेत्र के ब्रह्म सरोवर से लगभग छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यहां आप आटो रिक्शा या निजी वाहनों से पहुंच सकते हैं। कुरुक्षेत्र की तमाम धार्मिक स्मारकों के बीच यह एक सूफी संत की मजार है। मकबरे में प्रवेश के लिए एएसआई प्रवेश शुल्क लेता है।

-         विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
-         ( KURUKSHETRA SHEKHCHILI TOMB, DARA SHIKOH )



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