Tuesday, August 13, 2013

अरे भाई, ये संतरा नहीं कीन्नू है...


अपने पंजाब के सीमांत जिलों के दौरे में मैं जिस फल को संतरा समझकर खरीदकर खूब मजे लेकर खा रहा था, वह बाद में पता चला कि वह तो संतरा नहीं कीन्नू है।

फिरोजपुर के बाद हमारा अगला पड़ाव था फाजिल्का। हुसैनीवाला बार्डर देखने के बाद हमलोग दोपहर में फजिल्का के लिए चल पड़े। यहां से फाजिल्का तकरीबन 90 किलोमीटर है। बीच में गुरहर सहाय और जलालाबाद जैसे कस्बे आए। रास्ते में कहीं ढाबे पर रुककर हमने दोपहर का भोजन लिया। पंजाब का सीमांत शहर फाजिल्का अब जिला बन चुका है। फाजिल्का में हिंदी का प्रभाव ज्यादा है। शहर का बाजार सुरूचिपूर्ण और सुंदर है। पाकिस्तान की सीमा यहां से महज 7 किलोमीटर पर है। यहां अमर उजाला के प्रभारी संजय झा ने बताया कि फजिल्का के आसपास की सीमा तस्करी के लिहाज से काफी संवेदनशील है।

कीन्नू इस इलाके की महत्वपूर्ण पैदावार है। हालांकि मैं इस फल को जगह जगह खरीदकर खा रहा था, और मैं इसे संतरा समझने की गलती कर बैठा था। बाहर से यह बिल्कुल संतरे जैसा ही दिखाई देता है। वास्तव में यह संतरा और माल्टा की संकर प्रजाति है। कीन्नू का राज खोला अबोहर में सुबह-सुबह राजस्थान पत्रिका के संवाददाता ने। कीन्नू संतरे से ज्यादा नारंगी और आकार में अपेक्षाकृत बड़ा होता है। इस क्षेत्र में माल्टा और कीन्नू के बड़े-बड़े बाग हैं।

कीन्नू खाने के फायदे - तो जान लिजिए कीन्नू संतरे जैसा दिखाई जरूर देता है पर आकार में थोड़ा बड़ा होता है। इसमें विटामिन सी और शर्करा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह अत्यंत स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्य वर्धक फल है।
शोध में पाया कि कीनू मस्तिष्क आघात के जोखिम को कम कर सकता हैं। यह ऐसा फल है जो कि बहुत अच्छा एंटीसेप्टिक होता है। इसके तेल के इस्तेमाल करने से भी काफी फायदे होते हैं। यह पेट के लिए काफी अच्छा होता है। यह पाचन तंत्र को सही रखता है। इसके अलावा यह ब्लड  सर्कुलेशन को भी ठीक रखता है। 


अब फाजिल्का से अबोहर की ओर - 
फाजिल्का में कुछ घंटे रुकने के बाद अब हम चल पड़े हैं अबोहर। दूरी 35 किलोमीटर है। हालांकि अबोहर जिला नहीं है पर बड़ा व्यापारिक केंद्र होने के कारण यहां पर अमर उजाला का दफ्तर खोला गया है और यहां प्रभारी के तौर पर सीनियर पत्रकार की नियुक्ति यहां की गई है। कुहरे में हमारी गाड़ी 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल पा रही थी। हम कुछ घंटे में पहुंचे अबोहर। पंजाब का एक बड़ा व्यापारिक शहर। हमने यहां दिल्ली के मॉल जैसे बड़े बड़े शो रूम देखे। एक बाजार में तो जूतों की अनगिनत दुकानें दिखाई दीं। अबोहर और फजिल्का दोनों पाकिस्तान की सीमा से लगे हुए शहर हैं। हरियाणा का जिला सिरसा इनका पड़ोसी है तो राजस्थान का श्रीगंगानगर अबोहर से महज 45 किलोमीटर दूर। अबोहर के बाजार में कुछ बड़ी-बड़ी दुकानें भी दिखाई दीं, शहरों के मॉल जैसी।
अबोहर में वायु सेना का केंद्र है जबकि पास में काले हिरणों की सेंचुरी भी है। हमारी टीम ने रात्रि विश्राम अबोहर के होटल में किया। यह हमारी यात्रा की दूसरी रात थी। हमारे अबोहर के तत्कालीन प्रभारी श्री विनोद बंधु किसी काम से बाहर गए थे सो उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। पर यहां हमने जन संपर्क किया। दूसरे अखबारों के कई संवाददाताओं से मुलाकात हुई।

अबोहर के खजूर - पंजाब का अबोहर शहर खजूर के लिए भी जाना जाता है।  यहां 36 प्रकार के खजूर पाए जाते हैं। अबोहर के सीड फार्म में खजूर की खेती की जाती है।
यहां पर खजूर की 36 प्रकार की किस्में पैदा की जाती हैं जिस वजह से अबोहर को इजिप्ट ऑफ पंजाब यानी पंजाब का मिस्र भी कहा जाता है। अबोहर शिक्षा का बड़ा केंद्र है। यहां पर डीएवी कॉलेज भी है।
सरदी सुबह में कुहरे के चादर के साथ हमारा पंजाब का ये सफर अभी जारी है... तो बने रहिए हमारे साथ... 
( यात्रा का दूसरा दिन - फिरोजपुर- फाजिल्का - अबोहर ) 


-    - विद्युत प्रकाश मौर्य  - vidyutp@gmail.com

      (ORANGE, KINNOW,  FAJILLKA,  ABOHAR, PUNJAB ) 

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