Friday, July 5, 2013

कांकरिया झील की एक यादगार शाम


अहमदाबाद और गांधी नगर में दिन भर सब जगह घूमने के बाद शाम को हमने कांकरिया झील जाने का तय किया। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से तीन किलोमीटर की दूरी पर कांकरिया झील। ये झील रात की रोशनी में नहा कर और भी सुंदर हो जाती है। अहमदाबाद शहर के लोगों के लिए शाम गुजारने की मशहूर जगह।

तो कांकरिया झील गुजरात राज्य की सबसे बडी झील है। इसकी परिधि करीब 2.25 किलोमीटर में विस्तारित है। यह झील अहमदाबाद के दक्षिण में स्थित मणिनगर इलाके में है। कांकरिया झील का निर्माण सुल्तान अहमशाह ने करवाया था। तो यह एक मानव निर्मित झील है। झील के ठीक बीच में  नगीना वाड़ी नामक बागीचा है। यहां आप बोट से जा सकते हैं।
कभी नाम था कुतुब हौज - 
इतिहास में कांकरिया झील को 'क़ुतुबु हौज' और 'हौज-ए-क़ुतुबु' के नाम से भी जाना जाता था। सुल्तान क़ुतुबुद्दीन ने कांकरिया झील का निर्माण 15वीं शताब्दी में शुरू कराया और 1451 ईस्वी में जाकर मुकम्मल हुई। कांकरिया झील के मध्य में बहुत ही सुंदर द्वीप महल है। बताया जाता है कि यहां मुगल काल के दौरान नूरजहां और जहांगीर घूमने जाया करते थे।


कांकरिया झील पर्यटकों के लिए नौका विहार का भी प्रबंध है। शाम को बिजली की रोशनी के बीच आप नौका विहार कर सकते हैं। झील के चारों ओर सुंदर बागीचे है। बच्चों के लिए इस झील के पास बाल वाटिका, चिड़ियाघर स्थित हैं। भूख लगे तो खाने पीने का लिए रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड का भी विकल्प मौजूद है।

रात को रोशनी में नहाई हुई झील काफी सुंदर लगती है। यहां झील के चारों तरफ बच्चों की मस्ती के लिए रेल चलती है। रेल का नाम है अटल एक्सप्रेस। और भी ढेर सारे खेल तमाशे हैं। खेलते खेलते भूख लग जाए तो खाने पीने का भी इंतजाम है। 


वह विशाल गुब्बारा-  सोमनाथ मिली अहमदाबाद की उस लड़की ने कहा था आप लोग कांकरिया लेक जरूर जाना। तो हम यहां रात होने पर पहुंच ही गए। यहां बने एम्युजमेंट पार्क में बड़ा सा गुब्बारा लगा है। इस गुब्बारे में तारक मेहता का उल्टा चश्मा धारावाहिक का एपीसोड शूट किया गया है। कांकरिया लेक पर शाम के कुछ घंटे गुजारने के बाद हमलोग स्टेशन के पास अपने होटल लौट आए। अब अगली दोपहर तक का समय हमने आराम के लिए मुकर्रर किया हुआ है।
-   विद्युत प्रकाश मौर्य  - Email - vidyutp@gmail.com


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