Monday, July 8, 2013

एक बार फिर माया नगरी मुंबई में

कई साल पहले मुंबई में लंबा वक्त गुजारा था। इस बार के सफर में अनादि की मुंबई देखने की इच्छा थी इसलिए हमने इस सफर में एक दिन का पड़ाव मुंबई में रखा है। मतलब शार्टकट में मुंबई दर्शन। 

बडौदा से हमारी ट्रेन ( 12398- वडोदरा एक्सप्रेस, जो खास तौर पर रात 10.30 बजे मुंबई के लिए ही चलती है) नियत समय पर चली। हम खा पीकर सोना चाहते थे पर आरएसी में एक ही बर्थ पर दो लोग थे, लिहाजा ऐसा नहीं हो सका। इसलिए सामंजस्य बनाकर जागते हुए सफर जारी रहा। रास्ते में भरूच स्टेशन आया। यह शहर नर्मदा नदी के तट पर बसा है। इसके पास ही नर्मदा पर सरदार सरोवर डैम बना है।

बिल्कुल समय पर चल रही हमारी ट्रेन सुबह साढ़े तीन बजे मुंबई के उपनगरीय रेलवे स्टेशन बोरिवली पहुंच चुकी थी। वैसे तो इस ट्रेन का आखिरी प़डाव मुंबई सेंट्रल था। पर हमारी एक महिला सहयात्री ने बताया कि अगर आपको छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जाना है तो इसके के लिए आपको दादर उतर कर लोकल ट्रेन लेना ठीक रहेगा।

उनकी सलाह पर हम दादर स्टेशन पर ही उतर गए यहां से सीएसटी के लिए लोकल ट्रेन में सवार हो गए। उनकी सलाह बिल्कुल सही थी। कई साल बाद मुंबई आने पर लोकल ट्रेन में सुखद बदलाव देखा।

मुंबई के लोकल में अब स्टील के चमचमाते कोच हैं। मेट्रो की तरह अगले स्टेशन की सूचना देने वाले इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले पैनल लगा हुआ है। लेकिन किराया मेट्रो से काफी कम। सीएसटी मुंबई का बहुत बड़ा स्टेशन है। यहां उतरते आपको स्टेशन की भव्यता और भीड़ भाड़ का एहसास होता है। 

हमें दिन भर ही मुंबई में रहना था। लिहाजा माधवी वंश को रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ बाहर जाकर शहीद भगत सिंह रोड पर एक होटल बुक किया। यहां हमारी पूर्व बुकिंग नहीं थी। पहले कुछ होटल देखे वे महंगे लगे। फिर एक एजेंट की मदद ली। उसने जो होटल दिखाया उस होटल का नाम है कलापी। छोटा सा होटल और 800 रुपये प्रतिदिन के कमरे।एजेंट महोदय बिहार के थे जो सुबह सुबह सीएसटी के बाहर हमारे जैसे लोग ही ढूंढते थे। इसी दौरान नटराज ट्रैवल्स से मुंबई दर्शन के लिए टिकट भी बुक करा लिए।
ये  हैं मुंबई के असली हीरो जिनके हवाले है  शहर की सुरक्षा। 

सुबह की सड़क पर हमारी मुलाकात एक चौकीदार से हुई। उनकी करीने से सजी हुई लंबी मूंछे देखकर हम उनसे बातें करने के लिए रूके बिना नहीं रह सके।  

जनाब यूपी के पूर्वांचल के किसी शहर से आए हैं। लंबे समय से मुंबई के फोर्ट इलाके में चौकीदारी कर रहे हैं। सजी हुई मूंछे इनकी शान और पहचान है। बेटे को खूब आशीष दिया।


मुंबई दर्शन की बसें सुबह आठ बजे से 11 बजे तक आरंभ होती हैं। सीएसटी स्टेशन के बाहर कई मुंबई दर्शन बुकिंग के दफ्तर हैं। कुछ घंटे होटल में आराम करने के बाद हमलोग मुंबई दर्शन के लिए बाहर निकल पड़े।

अनुभव वेज का नास्ता - पर घूमने से पहले पेट पूजा जरूरी है। तो मुंबई के फोर्ट इलाके में अनुभव वेज में हमने सुबह का नास्ता लिया। मसाला डोसा और इडली। महंगी मुंबई के हिसाब से देखें तो दरें काफी वाजिब हैं। वैसे मुंबई में कम खाने वालों के लिए दोपहर में मिनी मील का प्रावधान होता है। 

अनुभव शाकाहारी का मीनू सुबह का नास्ता ही नहीं दोपहर और रात के खाने के लिए भी काफी अच्छा है। थोड़ी सी पेट पूजा के बाद हमलोग निकल पड़े मुंबई दर्शन के लिए। ( यात्रा-  साल 2013 मई ) 

(  होटल कलापी, Hotel KALAPI - Near GPO, 280, Shahid Bhagat Singh Rd,  62 Vaju kotak Marg, Fort, Mumbai, Maharashtra 400001 - फोन022 2261 7879 see on https://www.ixigo.com/ )  

    HOTEL WINDSOR, 10, Kumpta Street, Ballard Estate, Fort, Mumbai - 400 001
Tel : 022 - 22613071 / 2261 4528 / 2267 8321 / 2267 8322 / 2267 8323
Email: hotelwindsor55@hotmail.com Website : www.hotelwindsor.com

( CST से वालचंद हीराचंद मार्ग, शहीद भगतसिंह मार्ग पर वजू कोटक मार्ग के आगे वाली सड़क) 
 ---- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( ( MUMBAI, HOTEL KALPI, ANUBHAV VEG)