Wednesday, July 3, 2013

अदभुत, अनूठा - गांधीनगर का अक्षरधाम मंदिर



गांधीनगर में गुजरात की राजधानी के अलावा प्रमुख आकर्षण है स्वामीनारायण संप्रदाय का अक्षरधाम मंदिर। हालांकि अब दिल्ली में भी विशाल अक्षरधाम मंदिर बन गया है पर गांधीनगर का अक्षरधाम मंदिर इससे काफी पुराना है। इस भव्य मंदिर पर एक बार बड़ा आतंकी हमला भी हो चुका है। लिहाजा मंदिर की सुरक्षा चाक चौबंद है। कैमरा मोबाइल फोन आदि जमा करा लिया जाता है। मंदिर में हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसलिए मंदिर घूमने के लिए कम से कम आपके पास दो घंटे का वक्त होना चाहिए। कई एकड़ में फैले इस मंदिर में स्वामीनारायण संप्रदाय के संस्थापक संत प्रमुख स्वामी जो उत्तर प्रदेश में अयोध्या से गुजरात आए थे उनकी जीवनी को भव्यता से उकेरा गया है। 

इसके अलावा में अक्षरधाम मंदिर में कई हाईटेक प्रदर्शनियां हैं जिन्हें देखने के लिए टिकट लगते हैं। बच्चों के खेलने के लिए मंदिर परिसर में कई तरह के गेम्स हैं जिनकी दरें वाजिब हैं। बड़े भी कई तरह के झूले का आनंद ले सकते हैं।  मंदिर परिसर में खाने पीने के लिए कई रेस्टोरेंट भी हैं। यहां पूरी सब्जी, स्वामीनारायण खिचड़ी समेत कई तरह के व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है। भोजनालय साफ सुथरे और शानदार हैं।



अगर आप अक्षरधाम मंदिर आते हैं तो घूमने झूलों का आनंद लेने और खाने पीने के लिए वक्त निकाल कर ही आएं। दिल्ली की ही तरह मंदिर परिसर में फोटोग्राफी, मोबाइल फोन आदि वर्जित है। पर मंदिर की ओर से स्मृति फोटोग्राफी का इंतजाम है। आप पैेसे देकर फोटो खिंचवा सकते हैं। स्वामीनारायण संप्रदाय का गुजरात में अच्छा खासा प्रभाव है। इतना ही नहीं विदेशों में जहां गुजराती समाज के लोग रहते हैं वहां भी स्वामीनारायण मंदिर बन चुके हैं। मंदिर के बाहर गुजराती लहंगा चोलियों का अच्छा खासा बाजार भी है। तो मंदिर दर्शन के बाद शॉपिंग का भी आनंद उठाएं। 


अदभुत अनूठा मंदिर 
23 एकड़ में है मंदिर का विस्तार
1992 में बनकर तैयार हुआ मंदिर
6000 मीट्रिक टन लाल बलुआ पत्थर का हुआ है इस्तेमाल
13 साल में बनकर तैयार हुआ मंदिर
8.2 एकड़ में बने हैं मंदिर
14.8 एकड़ में है हरित उद्यान

मंदिर के अंदर क्या देखें - नीलकंठ और सहजानंद हॉल,  मिस्टिक इंडिया प्रदर्शनी ( 45 मिनट का शो है) परमानंद हॉल ( 45 मिनट का शो है )
मंदिर खुलने का समय - सुबह 9.30 से शाम 7.30 तक,  शनिवार और रविवार को रात्रि में मंदिर को प्रकाशमान किया जाता है। मंदिर के रेस्टोरेंट का समय - सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक।
हमने अक्षरधाम मंदिर में तीन घंटे से ज्यादा वक्त गुजारा। इस दौरान मंदिर के रेस्टोरेंट में जाकर खिचड़ी खाई। इनकी खिचड़ी का स्वाद अनूठा। अनादि ने कुछ झूले पर राइड का भी आनंद लिया। इसके बाद हमलोग बाहर निकले तो सड़क उस पार राजस्थानी कपडों की कई दुकानें दिखाई दीं। थोड़ी देर गांधी नगर घूमने के बाद हमलोग वापस चल पड़े हैं अहमदाबाद की ओर। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(AKSHARDHAM TEMPLE, GANDHINAGAR, GUJRAT) 

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