Monday, August 5, 2013

ओंकारेश्वर - मां नर्मदा के निर्मल जल में स्नान का सुख


ओंकारेश्वर  विद्युत परियोजना -  मध्य प्रदेश के  खंडवा जिले में ओंकारेश्वर पावर स्टेशन  नर्मदा हाइड्रोलिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ( एनएचडीसी ) की  विशाल विद्युत उत्पादन परियोजना है।   यह     एक    बहुउद्देशीय   परियोजना    है।   जो      विद्युत    उत्पादन   के    साथ  ही   मध्य   प्रदेश   के   खंडवा,   खरगोन   और    धार    जिलों   में   नर्मदा   नदी    के   दोनों   तटों   पर   सिंचाई   सुविधा   उपलब्ध   कराती   है।


ओंकारेश्वर  में  नर्मदा पर बनने वाली इस विशाल   परियोजना   को   29    सितंबर    2003    को   स्वीकृति   दी   गई।    इस    परियोजना    की    आठों   इकाईयों    से   नवंबर    2007    से   विद्युत    उत्पादन    आरंभ    कर    दिया    गया    है। इस    परियोजना    की   विद्युत उत्पान    क्षमता    520    मेगावाट    है। आगे इसके और विस्तार की  योजना है। 


नर्मदा नदी पर झूला पुल -   
एनएचडीसी   
के सौजन्य से ओंकारेश्वर में  नर्मदा पर झूले का पुल साल 2004 में बनवाया गया है।
  यह पुल बड़ा ही आकर्षक है। इसे नाम दिया गया है ममलेश्वर सेतु। पैदल यात्री इससे गुजरकर ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर तक आ-जा सकते हैं। पुल के पास कई नौजवान कैमरामैन  तैयार दिखाई  दे रहे हैं। वे   
यहां पर आपको 10 रुपये में इंस्टेट फोटो खींचवाने  का ऑफर दे रहे हैं।       

यहां से जाने का दिल नहीं करता...   
 ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के शीतल निर्मल जल में स्नान का जो सुख है उसे शब्दों में बयां करना बड़ा ही मुश्किल है। यहां पहुंचने पर मैं और अनादि घंटों नर्मदा में स्नान करते रहे। ऐसा प्रतीत होता है मानो मां की गोद में अटखेलियां कर रहे हों। निकलने का दिल ही नहीं करता।   नर्मदा नदी के सुरम्य वादियों में बसा ओंकारेश्वर का वातावरण इतना सुंदर है कि यहां से आने को दिल नहीं चाहता।  




मां  नर्मदा जिसे  मध्य प्रदेश  में रेवा भी कहते  हैं उसके तट पर   पहाड़ की तलहटी में बसे गांव जैसा है ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर पहुंचने पर हमने पूरा शहर घूमने का तय किया। गजानन आश्रम के गेट पर हमे मैक्सिमो चालक अमित कुशवाहा ( मोबाइल- 098272-23146 )   मिल गए। उनके मैक्सिमो में बैठकर हमने पूरा ओंकारेश्वर देखने की कोशिश की। वे सबसे पहले हमें ले गए जीरो प्वाइंट।


जीरो प्वाइंट से भव्य नजारा -   जीरो प्वाइंट से पूरे ओंकारेश्वर का भव्य नजारा दिखाई देता है। ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर सिंचाई के लिए डैम बनाया गया है। जीरो प्वाइंट ओंकारेश्वर की  ऊंची जगह है। यहां से नर्मदा नदी पर डैम और थर्मल पावर स्टेशनओंकारेश्वर मंदिर और शहर का नजारा दिखाई देता है। इसके बाद हम पहुंचे सिद्ध गणेश हनुमान मंदिर,   कुबेर मंदिर होते हुए नागर घाट पर।


नागर घाट पर नर्मदा माई में स्नान करने के लिए सुंदर पक्के घाट बने हुए हैं। वैसे ममलेश्वर मंदिर के करीब के घाट पर भी यहां नर्मदा में   स्नान किया जा सकता है। नागर घाट के ऊपर भगवान विष्णु का विशाल प्रतिमा है। यहां स्थित अन्नपूर्णा न्यास मंदिर में अखंड ओम नमः शिवाय का जाप चलता रहता है। ये जाप कथावाचक कमल किशोर जी नागर की प्रेरणा से चल रहा है।


ओंकारेश्वर छोड़ने से पहले  आखिरी सुबह एक बार फिर हमलोग पहुंच गए मां नर्मदा के  तट पर ।  स्नान करने के  लिए। मैं  और अनादि कई घंटे तक निर्मल जल में डुबकी लगाते रहे।  जब स्नान  करके तृप्ति मिल  गई तो   नाव पर सवार  होकर नदी के उस पार चल पड़े । एक बार फिर से महादेव के दर्शन करने के लिए। 
चलो उस पार चलें - ओंंकारेश्वर में नर्मदा नदी में नाव पर। 
ओंकारेश्वर का बाजार काफी सस्ता है। यहां मंदिर में चढाने के लिए पुष्प गुच्छ महज दो रुपये में मिल जाता है। अभी श्रद्धालु कम हैं  तो फूल बेचने वाले पीछे पड़ जाते हैं। नर्मदा में स्नान और ओंकारेश्वर मंदिर में पूजन कर मन को अद्भुत शांति मिलती है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में साधु गण भी आकर महीनो तपस्या किया करते हैं। जाहिर है उन्हें यहां आकर काफी शांति मिलती है।
 --विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
      ( OMKARESHWAR, JYOTIRLINGAM, TEMPLE, SHIVA, NARMADA RIVER, BATH ) 


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