Saturday, June 29, 2013

दीव की रुमानी सुबह और घोघला बीच पर मस्ती

ये कोई चाय की प्याली नहीं बल्कि डस्टबिन है...
होटल सम्राट में सुबह पांच बजे नींद खुल गई। विशाल कमरे में आती सुबह के सूरज की रोशनी ने हमें और सोने नहीं दिया। वैसे भी सुबह हो गई है तो घूमना लाजमी है। तो हमने और अनादि ने तय किया घोघला बीच जाने का। यह बीच दीव के प्रवेश द्वार पर ही है। तो हमलोग निकल पड़े। जान के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है तो छकड़ा ही सही। छकडे वाले ने हमें घोघला बीच के बगल में उतार  दिया।
सुबह सुबह छकड़े की सवारी। 
घोघला बीच पर सुबह सुबह टूरिस्ट ज्यादा नहीं हैं। पर यहां पर कई तरह के मनोरंजन के साधन मौजूद हैं। लोग गुब्बारे में हवा में उड़ने वाले गेम में हिस्सा ले रहे हैं। पर हमारी नजर तो स्पीड बोट की ओर थी। रफ्तार का भी अपना रोमांच होता है न। स्पीड बोट वाले से थोड़ा मोल भाव किया। मंदी के कारण वह 400 रुपये वाली राइड 200 रुपये में देने को तैयार हो गया। 

फिर क्या था हमलोग भी लाइफ जैकेट पहनकर तैयार हो गए। यह टू सीटर स्पीड बोट है। हम दोनों यात्रियों वाली सीट पर जमकर बैठ गए और ड्राइविंग सीट पर बैठ गए नाविक महोदय। और बोट चल पड़ी है समंदर की लहरों के बीच में। इसकी स्पीड बढ़ती गई और हमारा रोमांच बढ़ता गया। इस रफ्तार में थोड़ा डर भी लगता है। 

पर समंदर के बीच जाकर हमारा डर दूर हो गया। पर यह सब आनंद बहुत लंबे समय का नहीं था। जब समय हो गया तो स्पीड बोट किनारे आकर लग गई। पर यह रफ्तार का आनंद जेहन में बस गया। पर हमारे पास अभी समय है। तो अभी और समंदर के साथ वक्त गुजारना है। तो अब क्या करें। तो समंदर में नहाने का मजा लिया जाए। हमने और अनादि ने काफी देर तक समंदर नहाने का मजा लिया। मैंने तो मड बाथ का भी आनंद उठाया।  

 
नहाने से जी भर गया तो हमने देखा घोघला बीच पर बच्चों के लिए पार्क बना हुआ है। इस पार्क में किस्म किस्म के झूले लगे हैं। यह सब कुछ फ्री है। अनादि अलग अलग झूले पर काफी देर तक झूलते रहे। मैं भी उनका साथ देता रहा। मानो हमारा बचपन लौट आया हो। इस बीच होटल से माधवी का फोन आया। हमने कहा, रुम सर्विस में नास्ता मंगा लो हमें आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। 

दिन ढलने के साथ घोघला बीच पर रौनक बढ़ने लगी है। लोग आने लगे हैं। कई लोग आसमान में उड़ने का मजा लेने में जुट गए हैं। अलग अलग एडवेंचर टूर वालों के दफ्तर भी खुलने लगे हैं। पर हमारी मौज मस्ती का कोटा पूरा हो रहा है। तो हमें अब वापस होटल की ओर लौटना चाहिए। 

हमने दीव के प्रवेश द्वार पर मुरमुरा का पैकेट खरीदा। यह हमारा सुबह का स्वास्थ्य वर्धक नास्ता हो गया। एक बार फिर वापसी के लिए छकड़ा ही मिल गया। दीव में दो द्वीपों के बीच में समंदर पर एक छोटा सा पुल भी आता है। रास्ते में हमें सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नजर आया। साफ सुथरे स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की कोई लाइन नहीं है। होटल पहुंचने के बाद एक बार फिर हमलोग स्विमिंग पुल में कूद पड़े। अब दीव छोड़ने का समय हो चला है। वेरावल जाने वाली बस में हमारा आरक्षण हो रखा है। तो चलें बस स्टैंड की ओर।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( DIU, GHOGLA BEACH, SPEED BOAT RIDE, ADVENTURE TOURISM ) 

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