Sunday, June 23, 2013

धरती पर जन्नत सा नजर आाता है दीव


दीव पहुंचने के बाद हमने दीव के स्थानीय स्थलों के भ्रमण के लिए एक आटो रिक्शा बुक किया। आधे दिन में दीव के सारे प्रमुख स्थल देखे जा सकते हैं। वैसे यहां पर स्कूटी भी किराए पर उपलब्ध है। हमने एक गैराज वाले बात की। स्कूटी 250 रुपये में दिन भर के लिए। पूरे दीव में कहीं पार्किंग की समस्या नहीं है। मतलब कहीं भी स्कूटी खड़ी कर दें और घूमते रहें। नो पेड पार्किंग। गैराज वाले भाई ने कहा कि स्कूटी यहां चोरी नहीं होगी। अगर चोरी हो भी गई तो उसे ढूंढ निकालना मेरी जिम्मेवारी होगी आपकी नहीं।

दीव धरती पर जन्नत सा नजर आता है। गोवा से अलग होने के बाद दमन दीव केंद्र शासित राज्य हैं। हालांकि दमन और दीव के बीच 700 किलोमीटर की दूरी है। पर दीव गुजरात के ज्यादा करीब है। छुट्टियां बीताने के लिए सेहत लाभ के लिए दीव सिर्फ गुजरातियों को ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के दूसरे देशों के लोगों को आकर्षित करता है।

पूरा दीव आप 25 किलोमीटर में घूम सकते हैं। पर दीव के बस स्टैंड से फोर्ट रोड पर आगे बढ़ने पर दीव का मुख्य बाजार है। यहीं रहने व खाने के लिए प्रमुख होटल हैं। फोर्ट रोड के एक तरफ मद्धम-मद्धम हिलोरें लेता समंदर है तो दूसरी तरफ दीव का बाजार। आप इतिहास की गाथाओं के साथ कुदरत का मधुर संगीत भी सुन सकते हैं दीव में। दीव 52 हजार की आबादी वाला एक छोटा सा द्वीप है ।


केंद्र शासित प्रदेश -  30 मई, 1987 को गोवा को राज्यों का दर्जा दिए जाने के बाद दमन और दीव अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। दीव जिले में साक्षरता दर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 83.36% है। दीव में 12वीं के बाद कोई स्कूल नहीं है। दीव के छात्रों 12 वीं कक्षा के बाद उच्चतर अभ्यास के लिए 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुजरात के जूनागढ़ जिले में ऊना में आर्ट्स और कॉमर्स कॉलेज में जाना पड़ता है । 

दीव की सड़कें शानदार हैं। पूरे दीव में समंदर के किनारे हर जगह सड़क पर बैठने के लिए सुंदर बेंच बनाए गए हैं। बच्चों के लिए जगह जगह झूले लगाए गए हैं। जहां थक जाएं बेंच पर बैठ जाएं। इच्छा हो तो झूले पर झूलने लगें। यहां की साफ सफाई इतनी बेहतर है कि देखकर ऐसा नहीं लगता कि हम भारत के ही किसी शहर में हैं। 




 फोर्ट रोड पर आगे जाकर दीव का प्रसिद्ध किला है। दीव 1961 तक पुर्तगाल के कब्जे में था। इसलिए यहां से पुर्तगालियों से जुड़ी हुई कई स्मृतियां हैं। दीव किले के पास ही दीव का प्रसिद्ध निर्मल माता चर्च है। इसके अलावा दीव में समर हाउस पर बैठकर आप समंदर का नजारा कर सकते हैं।


आईएनएस खुखरी की स्मृति में एक माडल दीव में बनाया गया है। इसके पास ही गंगेश्वर महादेव का मंदिर है। ये दीव का एकमात्र हिंदू मंदिर है, जहां सैलानी जाते हैं। समंदर के किनारे यह छोटा सा शिव मंदिर है। हालांकि ये मंदिर बहुत पुराना प्रतीत नहीं होता है। पर इस मंदिर में सागर की लहरें लगातार शिव लिंग को स्पर्श करती रहती हैं। 

सालों भर सैर करें दीव का - आप दीव घूमने का कार्यक्रम सालों भर बना सकते हैं। यहां मई के महीने में भी तापमान 32 -33 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं जाता है। इसलिए यहां आने के लिए हर मौसम अच्छा है। हां हर शनिवार और रविवार को यहां के होटल महंगे हो जाते हैं। महंगे ऐसे वैसे नहीं सीधे कमरों का किराया दोगुना हो जाता है। दीव में शराब पीने की छूट है इसलिए गुजरात के लोग साप्ताहांत में दीव का रुख करते हैं। अगर आप गुजरात से बाहर से आ रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार के बीच दीव का रुख करें तो आपको होटलों का किराया सस्ता पड़ेगा। 
-    ---- विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com 
  ( DREAM STATE DIU ) 

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