Friday, February 8, 2013

खूब खाइए बेर... रहिए जवां

सर्दियों में सड़क के किनारे बेर दिखाई देने लगते हैं। ये बेर शहरों में भी ठेले पर दिखाई देता है। बेर को अधिकतर लोग बचपन में तो बहुत पसंद करते हैं। बेर एक मौसमी फल है जो एक ही मौसम में होता है। जब यह कच्चा होता है हरे रंग का और पकने पर यह लाल और हल्का भूरे रंग का हो जाता है। खाने में बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं। बेर में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी होता है। इससे त्वचा लंबे समय तक जवां रहती है।

वैसे बेर का वैज्ञानिक नाम की बात करें तो यह ज़िज़िफस जुजुबा (ZIZPHUS ZUJUBAके नाम से जाना जाता है। बेर के पेड़ की ऊंचाई कुछ ज्यादा नहीं होती और ये झाड़ीदार होते हैं। बेर के पेड़ की डालियों पर छोटे -छोटे आकार में फलते हैं।
बेर कई तरह के होते हैं। छोटे, बड़े और सूखे हुए। बड़े बेर मधुरठंडेवीर्य की वृद्धि करने वाले होते हैं। ये बेहद स्वादिष्ट होते हैं। बड़े बेर स्निग्ध और मल अवरोधक भी होते हैं। छोटे बेर (SMALL PLUMकी बात करें तो छोटे बेरों का स्वाद खट्टा तथा मधुर होता हैं। खट्टे बेर गर्मी के दिनों में बहुत ही लाभकारी होते हैं, क्योंकि गर्मी के दिनों में इसे खाने से प्यास कम लगती हैं।

विटामिन सी से भरपूर है बेर - संतरे और नींबू की तरह मौजूद विटामिन सी का बेहतरीन विककिल्प है बेर। इसमें विटामिन सी की मात्रा खट्टे फलों से 20 गुना ज्यादा है। बेर में मैग्निशियमपोटेशियम, कॉपर फास्फोरसकैल्शियम और आयरन जैसे विटामिन और खनिज पदार्थ भी मिलते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
बेर ट्यूमर से करता है बचाव- लो-ब्लड प्रेशरएनीमियालीवर आदि की समस्याओं से राहत मिलती है। यह शरीर में ट्यूमर सेल्स पनपने नहीं देता। यह त्वचा की देखभाल के लिए भी उत्तम स्रोत है।  जी घबरानेउल्टी और गर्भावस्था में होने वाले पेटदर्द आदि कई समस्याओं मे इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है। बेर में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है लेकिन ये ऊर्जा का एक बहुत अच्छा स्रोत है।

वजन घटाने  में कारगर - बेर के पत्ते भी वज़न को घटाने में बहुत मदद करते हैं। जर्नल ऑफ नैचुरल रेमिडी के अनुसार बेर के पत्तों के सेवन से सेरम ग्लूकोज़ और लिपिड का लेवल कम हो जाता है जो इंटरनल ऑर्गन के चर्बी को कम करने में सहायता करता है विशेषकर पेट की चर्बी। 

दवा बनाने में इस्तेमाल - चीन में कई दवाइयां बनाने में बेर का उपयोग होता हैं। बेर में कई प्रकार के पोषक तत्वविटामिन और लवण पाए जाते हैं। साथ ही इसमें भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। बेर ही नहीं इसके फलपत्तीवृक्ष की छालगोंद सभी में औषधीय गुण पाए जाते हैं।

भारत में बेर की लगभग 40 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। इसकी पेड़ कम पानी वाले इलाके में भी आसानी से हो जाते हैं। आमतौर पर बेर का पेड़ 7 मीटर तक लंबा हो सकता है। वैसे दुनिया में बेर का 10 हजार से अधिक वर्षों का इतिहास है और इसकी 400 से अधिक विभिन्न किस्में पाई जाती है। आपको सर्दियों में बेर हर जगह के बाजार में बिकता हुआ मिल जाएगा। मुंबई, सिलवासा, दिल्ली, कोलकाता कहीं भी।
थाई एप्पल यानी बड़े बेर - आजकल बाजार में बड़े आकार के बेर आ गए हैं। पर आपको परंपरागत छोटे बेर ही खाना चाहिए। आजकल बाजार में थाई एप्पल देखने को मिलता है। इसका नाम आते ही जेहन में सेब का ख्याल आता है लेकिन यह बेर की एक किस्म है। यह थाईलैंड में होती है। वहां इसे जुजुबी भी कहा जाता है। इसका स्वाद बेर जैसा ही होता है। थाईलैंड से ही यह किस्म भारत आई। सेब जैसा दिखने वाला इसका फल 30 से 50 ग्राम तक का हो सकता है। इसकी खेती राजस्थान के श्रीगंगानगर में हो रही है।

फिल्मों में भी बेर की महिमा - वो गीत याद है ना फिल्म सौदागर का-  ईमली का बूटा बेरी का पेड़ ईमली खट्टी मीठे बेर। ये गीत दिलीप कुमार और राजकुमार पर फिल्माया गया था। वैसे फिल्मों में बेरी पर और कई गीत हैं। मेरी बेरी के बेर मत तोड़ो...गीत आशा भोंसले की आवाज में फिल्म अनोखी रात (1968) का है।
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 (BER , FRUIT,  GOOD FOOD)