Sunday, October 20, 2013

मिट्टी के बरतन बड़े लाभकारी

अपने बचपन को याद किजिए, गांव में मिट्टी के बरतनों का खूब इस्तेमाल होता था। गांव में तो कभी घी भी मिट्टी की हांडी से ही निकालती थी और दही का मट्ठा भी मिट्टी की हांडी में ही बना करता था । कुछ दशक पहले तक गांव की शादियों में तो मिट्टी के बर्तन  ही उपयोग में आते थे। घरो में दाल पकाने, दूध गर्म करने चावल बनाने और अचार रखने के लिए मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग भी खूब होता रहा है। 
लोग मिट्टी के बरतनों को भूलते जा रहे थे, पर एक बार फिर महानगरों में मिट्टी के बरतन चर्चा में आ गए हैं। लोगों की जागरुकता मिट्टी के बरतनों को लेकर बढ़ी है। दिल्ली के कई बाजारों में मिट्टी के तवे मिल सकते हैं। इनमें सुविधा के लिए स्टील का हैंडल लगा दिया गया है।बताया जाता है कि देश में आज से दो सौ साल पहले ही मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग होना कम होने लगा। इसकी मुख्य वजह थी एल्युमिनियम के बर्तनों का ज्यादा इस्तेमाल करना, जो कि शरीर के लिए हानिकारक है। भले ही आज के विज्ञान ने हमें अपनी रसोई के लिए बहुत ही आधुनिक और सुविधाजनक बर्तन उपलब्ध कराए है किन्तु ऐसे नॉन स्टिक बर्तन तथा अन्य आधुनिक बर्तन भोजन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
देश में प्राचीन काल से ही मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने की प्रथा रही है परन्तु आधुनिक युग में यह लाभदाययक प्रथा बहुत कम हो गई है। हम कोई भी सब्जी या फल या आहार लेते समय यह ध्यान रखते है कि वह सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला हों। किन्तु उससे भी अधिक जरुरी है कि पकाते वक़्त और पकाने के बाद उसकी वही गुणवत्ता बनी रहें।
सबसे ज्यादा पोषक तत्व
मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते थे. इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। पीतल से 93, कांसे से 97 और मिटटी से 100फीसदी पोषक तत्व मिलते हैं।
 कई बीमारियों में लाभकारी
कई बार बैठे-बैठे लोग बड़ी-बड़ी डकारें लेते रहते हैं। ये गैस की समस्या है। अगर आपको भी बिना खाए-पिए बड़ी-बड़ी डकारें आती हैं तो मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करें। खासकर रोटी मिट्टी के तवे पर ही बनाकर खाएं। कभी मिट्टी के बरतन में बिरयानी या दाल बनाकर देखें। स्वाद का फर्क मालूम हो जाएगा। अब भारतीय कुम्हारों के विदेशों से भी मिट्टी के बरतनों के आर्डर मिल रहे हैं

वास्तु में के अनुसार भी मंगलकारी
वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी के बर्तनों को बहुत शुभ माना जाता है। वास्तुशास्त्र की मानें तो घर में रखें मिट्टी के बर्तन  आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। इसके साथ ही इनके घर या ऑफिस में होने से गुडलक, धन-वैभव, सफलता आदि सब कुछ हासिल किया जा सकता है। पूजा घर से लेकर विवाह के मौके पर पूजा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी बर्तन मिट्टी के होते हैं।
मिट्टी पर भोजपुरी की इन पंक्तियों पर गौर फरमाएं...  
माटी के मनई हईं,  मटिए के बा घर दुआर,  
मटिए से छोह बा,  मटिए के बनल संसार...

-विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com