Thursday, January 31, 2013

ऊर्जा का बड़ा स्रोत - रागी यानी फिंगर मिलेट

रागी की इडली, स्वाद भी और सेहत भी। 
हैदराबाद में रहते हुए हमने रागी इडली, रागी डोसा खूब खाया। इसे दक्षिण भारत में रागी तो उत्तर भारत में मडुवा कहते हैं। रागी अति पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। कैल्शियमलोहा और प्रोटीन से भरपूर रागी से आटा बनता है। यह साबूत अनाज होता हैजिससे अधिक तृप्ति (फाइबर से) भी मिलती है। यह समान्य ब्रेड यानी गेहूं की रोटी का एक बेहतर विकल्प है। रागी और जौ का आटा अपने विशेष रफेज (फाइबर /खाद्य रेशों) के कारण खून में घुली चर्बी भी कम करता है। फिंगर मिलेट यानी रागी मिले आटे की रोटी खाने से डायबीटीज ( चीनी की बीमारी) भी कंट्रोल हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित रखने में रागी बहुत सहायक है।

रागी की इडली और डोसा  - रागी और चावल को सही मात्रा में मिलाकर पेस्ट तैयार किया जाता है जिससे इडली, डोसा जैसे दक्षिण भारतीय व्यंजन बनाए जा सकते हैं। आजकल बाजार में रागी इडली और रागी डोसा का मिक्स भी उपलब्ध है। इससे कम श्रम में रागी इडली बनाई जा सकती है। रागी इडली वजन घटाने के लिए भी मुफीद है। ( एमटीआर का रागी इडली मिक्स बाजार में उपलब्ध है) 


रागी से इडली, मोटी डबल रोटीडोसा और रोटी बनाई जाती है। इस से रागी मुद्दी ( लड्डू) भी बनती है। इसे बनाने के लिए रागी आटे को पानी में उबाला जाता है। 
आपको पता है रागी के दानों से ही बनता है कुट्टू का आटा जिसे लोग नवरात्र में खाते हैं। जानकारों की मानें तो कुट्टू का आटा बनने के एक माह बाद तक ही खाने लायक रहता है। इससे पुराना होने पर वह खाने के अनुकूल नहीं रहता। यानी वह जहरीला हो जाता है। वैसे कुट्टू,  रागी यानी फिंगर मिलेट से भी बनता है और सिंघाडा से भी बनता है।

ऐसा भी करें -  गेहूं के आटे के साथ सोयाबीनरागी या जई का आटा मिलाकर मूलीपालकमेथीगाजर आदि सब्जियां भरकर रोटियां बनाएं। परांठे खाने का मन हो तो बिल्कुल हल्का घी लगाएं लेकिन बेहतर रोटी खाना ही है। इससे देर तक एनर्जी मिलती है। 

फाइबर युक्त होता है रागी आटा
रागी का आटाजौ का आटाबाजरे का आटा ये सभी फाइबर युक्त होते हैं। इनसे आप गेहूं के नमकीन और तीखी मठरी शक्करपालीचकलीकचौरियां आदि बना सकते हैं। इनमें आप आटे के साथ बाजरा, रागी, सोयाबीन का आटा भी  मिला सकते हैं।

यहां होता है उत्पादन -  पोषक तत्वों से युक्त  रागी यानी मडुवा का उत्पादन झारखंड, तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगानामहाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होता है। हालांकि कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में रागी का सबसे अधिक उपभोग होता है। हैदराबाद प्रवास के दौरान रागी की इडली और रागी का डोसा हमारा प्रिय भोजन रहा।  

रागी के बिस्कुट भी-  बाजार में अब रागी के बने हुए बिस्कुट भी उपलब्ध हैं। रागी के पौष्टिक गुणों से भरपूर इन बिस्कुट का आप आनंद ले सकते हैं। कई जगह स्थानीय स्तर पर इनका उत्पादन होने लगा है। 
 प्रस्तुति विद्युत प्रकाश मौर्य 
( RAGI, FINGER MILLET, ELEUSINE CORACANA, GOOD FOOD, SOUTH INDIA IN SEVENTEEN DAYS 75 ) 

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