Thursday, January 3, 2013

मैसूर भाजी, मैसूर पाक, मैसूर बड़ा

थोड़ा तरबूज हो जाए। 
सदाबहार शहर मैसूर खाने पीने में भी सदाबहार है। कई व्यंजनों के नाम तो मैसूर शहर के नाम पर ही पड़े हैं। मैसूर पाकमैसूर भाजीमैसूर बड़ामैसूर मसाला डोसा जैसे कई खाने पीने के डिश हैं जिनका नाम ही मैसूर शहर से जोडकर रखा गया है। मैसूर भाजी तो दक्षिण भारत के नास्ते में काफी लोकप्रिय है।


मैसूर पाक कर्नाटक का एक मीठा व्यंजन हैजिसे बहुत सारे घीबेसनमेवा व चीनी से बनाया जाता है। मूल रूप से इसे मसूर (दाल) पाक कहा जाता था और इसे मसूर की दाल से तैयार बेसन से बनाया जाता था। जब आप मैसूर शहर के सड़कों पर घूम रहे हों तो हर ओर आपके पास खाने के लिए कई तरह के विकल्प मौजूद हैं। 

मैसूर के मध्यम वर्ग के खाने पीने के होटलों में धन्वंतरि रोड पर इंदिरा भवन का नाम लिया जा सकता है। इंदिरा भवन का अपना होटल भी है। इसी रोड पर न्यू गायत्री भवन भी अच्छा भोजनालय है। यहां 35 से 40 रुपये में थाली का स्वाद ले सकते हैं। जी हां दक्षिण भारत में थाली का मतलब अनलिमिटेड खाना है। 

सयाजीराव रोड पर भी खाने पीने के कई अच्छे होटल है। हमने मैसूर में रात का खाना ट्रिपल आर में खाया।
 यहां 70 रुपये की थाली है। इस होटल में आप मांसाहारी भोजन का का विकल्प भी चुन सकते हैं। सयाजी राव राड पर बांबे टिफनिस की मिठाइयों की दो दुकाने हैं जहां मैसूर की बेहतरीन मिठाइयों का स्वाद लिया जा सकता है।
  


नंदिनी कर्नाटक का मिल्क ब्रांड - कर्नाटक के मिल्क ब्रांड का नाम नंदिनी है। बिहार के ब्रांड सुधा की तरह ही नंदिनी के पेड़े काफी मशहूर हैं। दस छोटे छोटे पेड़े की कीमत है महज 27 रुपये। कर्नाटक देश का दूसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है। अब नंदिनी ब्रांड ने राज्य के बाहर भी दस्तक दे दी है। इसके उत्पाद तमिलनाडु अंदमान निकोबार से लेकर दिल्ली तक मिलने लगे हैं।

अब चलें बेंगलुरू ः  मैसूर में तीन दिन गुजारने के बाद अब बेंगलुरु की ओर चलने की बारी है। रात में 11.55 पर चलने वाली मैसूर बेंगलुरु पैसेंजर (56263) मैंने आरक्षण करा लिया है। इसमें एक स्लिपर कोच लगता है। बस से भी कम किराया में सोते हुए बेंगलुरू पहुंचने का अच्छा तरीका है। मैसूर में रात्रि भोजन करने के बाद हमलोग रेलवे स्टेशन पहुंच कर ट्रेन में अपने बर्थ में जगह लेकर सो गए। सुबह चार बजे हमारी ट्रेन बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। हमें यहां से जाना है जेपी नगर जो जय नगर के पास है।

हमें राज किशोर भाई साहब ने एक बस का नंबर बताया। रेलवे स्टेशन के सामने सिटी बस स्टैंड से हमने उनके घर की ओर जाने वाली बस ले ली है। बेंगलुरू में हमलोग तीन दिन रुकेंगे। मैं 1992 के बाद दूसरी बार बेंगलुरु पहुंचा हूं। अपनी दक्षिण यात्रा में हम पहली बार किसी मित्र रिश्तेदार के घर रुक रहे हैं। बेंगलुरु में हमारा व्यस्त कार्यक्रम भी नहीं है। दो दिन आराम के लिए रखा है। अनादि अपने पुराने दोस्त पुलकित से मिलकर खुश हैं जो कुछ साल पहले दिल्ली में उनके पड़ोस में रहते थे।
-vidyutp@gmail.com
( KARNATKA FOOD, MILK, SWEETS, BANGLURU, JAI NAGR, JP NAGAR, SOUTH INDIA IN SEVENTEEN DAYS 61 ) 

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