Sunday, December 2, 2012

रामेश्वरम – रामनाथ स्वामी के शहर में

मदुरै से रात 12 बजे चलकर चलकर हमलोग रामेश्वरम तकरीबन सुबह-3ः30 बजे ही पहुंच चुके थे। ट्रेन में हमें एक साधु बाबा मिले जो बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। पर वे अब साधु हो गए हैं। एक पंजाबी परिवार भी हमारे साथ है। इस परिवार की पत्नी खुद को बहुत जानकार बता रही है। वह परिवार के बाकी सदस्यों पर भारी पड़ रही है। वे सभी लोग रामेश्वरम जा रहे हैं। हालांकि उन्हें रामेश्वरम के बारे में कुछ भी नहीं मालूम है। पर बातें ऐसे कर रहे हैं जैसे उन्हें काफी कुछ मालूम है। महिला बार बार अपने पति को हड़का दे रही है। पति बेचारा कुछ नहीं बोल पा रहा है।  

रामेश्वरम, यह आखिरी रेलवे स्टेशन है। यानी यहां से आगे ट्रेन नहीं जाती। मतलब टर्मिनस है।  रेलवे स्टेशन पर अभी अंधेरा था। हमें जानकारी थी कि रेलवे स्टेशन से मंदिर दो किलोमीटर दूर है। यहां पर हमारी कोई होटल बुकिंग पहले से नहीं थी। लिहाजा पहुंचकर पहले अपने लिए एक ठिकाना तलाशना था। उसके बाद रामनाथ स्वामी के दर्शन करने थे। 
रेलवे स्टेशन से मंदिर तक आम तौर पर आटो रिक्शा जाते हैं। रामेश्वरम का रेलवे स्टेशन काफी छोटा है। बहुत कम रेलगाड़ियां यहां तक आती हैं। लिहाजा स्टेशन पर बैठना भी बोरिंग काम था।

रात में 12 बजे मदुरै से चलकर सुबह के 3 बजे के आसपास रामेश्वरम पहुंचने के बाद अनादि और माधवी भी उनिंदे से हो रहे थे। उन लोगों को स्टेशन के वेटिंग हॉल में छोड़कर  मैं बाहर निकलकर कुछ आटो रिक्शा वालो से बात करता हूं। पर अनजान शहर में रात को जाने की इच्छा नहीं होती। इसी क्रम में एक घंटा गुजर जाता है।



हमारी बातचीत एक बुजुर्ग तांगे वाले से बात होती वे हमें 40 रुपये लेकर मंदिर के पास किसी लॉज में छोड़ने को तैयार हैं। मैं भी चलने को तैयार हो जाता हूं। हम मुंह अंधेरे मंदिर के पास पहुंच गए तांगे पर बैठकर। हमने सोचा जल्दी किसी लॉज में पहुंच गए तो थोड़ा सोने का वक्त मिल जाएगा। अनादि को तांगे के इस सफर में बहुत मजा आया। मंदिर के पास पहुंच कर तांगे से उतरने के बाद तो उन्होंने तांगे वाले की सीट पकड़ ली। 

हमारे तांगे वाले मुंह अंधेरे एक लॉज का वे दरवाजा खटखटाते हैं। रिस्पेशन वाले सो रहे हैं। पर वे दरवाजा खोलकर हमें एक कमरा आवंटित कर देते हैं। कमरा बड़ा और हवादार है। किराया है मात्र180 रुपये रोज। हमलोग अगले तीन घंटे के लिए सो जाते हैं। सुबह के आठ बजे स्नान आदि से निवृत होकर मंदिर दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं। बाहर आने पर अपने लॉज की इमारत को देखता हूं। यह चटखीले सुगापंखी रंग की है। इसका नाम संध्या लॉज है। इसके ठीक बगल मे इंडियन बैंक का एटीएम भी है। लॉज छोड़ते समय उन्होंने हमें रसीद भी सौंपी। यह लॉज वेस्ट कार स्ट्रीट के चौराहे पर स्थित है। हालांकि रामेश्वरम के होटल धर्मशालाएं आदि रात्रि 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहते हैं। इसलिए आप उसके बाद ही आएं तो अच्छा है।

कैसे पहुंचे, कहां ठहरें -  रामेश्वरम के रामनाथ स्वामी मंदिर के चारों तरफ ही रामेश्वरम शहर का पूरा विस्तार है। मंदिर के एक तरफ समंदर है। कई लोग समंदर में स्नान करने के बाद मंदिर में आना पसंद करते हैं। मंदिर के चारों तरफ की चार सड़के नार्थ कार स्ट्रीट, साउथ कार स्ट्रीट, जैसे नाम से जानी जाती हैं। मंदिर रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप रामेश्वरम में रहने की जगह ढूंढ रहे हैं तो दक्षिण भारत में सबसे सस्ते कमरे आपको इस शहर में मिल जाएंगे।

यहां 100 रुपये से लेकर 400 तक में  होटलगेस्ट हाउस और धर्मशालाएं उपलब्ध हैं। यहां पर कई धर्मशालाएं उत्तर भारत की संस्थाओं द्वारा बनवाई गई हैं। रामेश्वरम दक्षिण भारत का ऐसा पवित्र तीर्थ स्थल है कि यहां पहुंचकर ऐसा प्रतीत होता है मानो हमने जीवन में बहुत बड़ी उपलब्धि अर्जित कर ली हो। 



उत्तर भारत से सीधी रेल सेवा -  देश के प्रमुख तीर्थ स्थल वाराणसी और गुजरात के द्वारका से रामेश्वरम के लिए सीधी रेल सेवा भी उपलब्ध है। रामेश्वरम में रहते हुए आप समंदर में क्रूज पर घूमने का भी आनंद ले सकते हैं। इसके लिए आपको पूरा एक दिन निकालना होगा। क्रूज सेवा ने अपने विज्ञापन की विशाल होर्डिंग लगा रखी है। इस होर्डिंग में हिंदी भाषा में विज्ञापन किया गया है। जाहिर है यह उत्तर भारतीय लोगों को आकर्षित करने के लिए है। दक्षिण में हिंदी देखकर काफी खुशी होती है भले ही उसका उद्देश्य व्यवसायिक ही क्यों न हो।

रामेश्वरम में शाम को हमें एक तमिलनाडु के राजनीतिक दल का जोरदार प्रदर्शन भी देखने को मिला। यह मशाल जुलूस और पुतला फूंक कार्यक्रम था। पार्टी थी डीएमडीके। कैडर के लोग बड़े अनुशासित तरीके से जुटे मशालें जलाईं। अपने नेता को सुना फिर चले गए।

- विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
( RAMESHWARAM, TAMILNADU, RAMNATH SWAMI TEMPLE. CHAR DHAM, LODGE SANDHIYA - 04573-221329, SOUTH INDIA IN SEVENTEEN DAYS 35 ) 

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