Sunday, October 14, 2012

रंगीला राजस्थान - केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारो देश नी...


राजस्थान को रंगीला राजस्थान यूं नहीं कहा जाता। यह सचमुच में रंगबिरंगा शहर है। यह जयपुर के बाजार को देखकर ही आभास हो जाता है। यहां के लोग भी मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ते। लोकगीतों में भी इसके सुर हैं...केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारो देश नी... जयपुर में मेरी अगली सुबह की शुरुआत शहर के भ्रमण से हुई। इसके लिए मैंने कंडक्टेड टूर का सहारा लिया। यह किसी भी शहर को घूमने का सबसे सस्ता तरीका होता है। 




मनमोहक कनक वृंदावन गार्डन -  शाम को मैंने जयपुर घूमने के लिए अगले दिन का टूर बुक कराया। यह आधे दिन का टूर होगा। इसमें जयपुर के प्रमुख स्थल दिखाए जाएंगे। सुबह टूर की मिनी बस नियत समय पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित अपने दफ्तर से आरंभ हुई। हवामहल जंतर मंतर होती हुई सिटी पैलेस पहुंची। इस दौरान बस हमें एक निजी संग्रहालय दिखाने भी ले गई।  अब मुझे उसका नाम याद नहीं आ रहा।

हमलोगों ने जयपुर का चिड़ियाघर भी देखा। यह चिड़िया घर रामनिवास बाग में स्थित है। यहां पर एक वनस्पति संग्रहालय और पौधाघर भी है। इस बाग में विशाल क्रिकेट का मैदान भी है। इसके बाद जल महल, कनक वृंदावन गार्डेन और फिर आमेर का किला। आमेर का किला, हवामहल, जल महल, सिटी पैलैस पर आगे विस्तार से बात करेंगे।

पर बात कनक वृंदावन गार्डन की। यहां मैंने अच्छा समय दिया। यह जल महल से आगे एक सुंदर बाग है। यहां से नाहरगढ़ और जयगढ़ का किला भी दिखाई देता है। नाहरगढ़ का किला मानो जयपुर शहर के मुकुट जैसा है। कनक वृंदावन गार्डन का निर्माण जयपुर के कछवाहा राजा सवाई जय सिंह ने करवाया था।
उनकी एक रानी कनक के नाम पर इसे ये नाम मिला। यहां स्थित गोविंद देव की मूर्ति वृंदावन से आई थी इसलिए पूरा नाम हुआ कनक वृंदावन गार्डन। यह उद्यान आठ हिस्सों में बंटा हुआ है। इसकी विशेषता राजस्थान की प्रतीक सुंदर छतरियां है। सन 1991 में आई हिंदी फिल्म लम्हे की शूटिंग भी यहां हुई थी। 
कनक वृंदावन गार्डेन, जयपुर ( 1998 ) 
दाल-बाटी चूरमा का स्वाद -  दिनभर घूमने के बाद शाम को एक बार फिर पुराने जयपुर की सड़कों पर विचरण करने लगा। रात को भोजन के लिए चांदपोल बाजार में ही एक राजस्थानी भोजनालय में गया। यहां दाल बाटी चूरमा का आर्डर किया। वे दाल और बाटी लाकर थाली में रख गया। बाटी को तोड़ दिया। फिर वेटर एक कंटेनर में देसी घी लेकर आए और बोला - बोलो कितनी उड़ेल दूं... तो दाल बाटी चूरमा खाकर आनंद आ गया। 
जयपुर शहर में क्या क्या देंखे- 
1. हवा महल     2.  जंतर-मंतर  (वेधशाला)
3. नाहरगढ़ का किला  4. जयगढ़ का किला
5. जल महल   6. आमेर का किला 
7. कनक वृंदावन गार्डन 8. सिसोदिया रानी का बाग 
9. रामनिवास बाग 10. गोविंद देव जी का मंदिर
11 बीएम बिड़ला तारामंडल 12 अलबर्ट हॉल का संग्रहालय 
13. सिटी पैलेस और म्युजियम 14. गलता तीर्थ
15. सागर सूली ( त्रिपोलिया बाजार ) 16. गुड़िया घर 
17. मोती डूंगरी 18. लक्ष्मी नारायण मंदिर 
19. चौखी ढाणी 20. त्रिपोलिया बाजार। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( RAJSTHAN, JAIPUR, PINK CITY, CHANDPOLE, BALHANS, ANANT KUSHWAHA ) 
जयपुर शहर का टाउन हॉल । 

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