Friday, July 13, 2012

बड़े काम के हैं आपके रसोई घर के ये मसाले


दिल्ली के साप्ताहिक बाजारों में खड़े मसाले की दुकानें दिखाई दे जाती हैं। हमें कोशिश करनी चाहिए कि साबूत मसाले ही लेकर घर आएं और उन्हें पीसकर सब्जियों में इस्तेमाल करें। इससे मसालों की शुद्धता बनी रहेगी। 

हमारी रसोई में रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले मसाले आपको अलग तरह के रोगों से बचाते हैं। वहीं ये कई तरह की बीमारियों के उपचार भी हैं। कई बार आप बीमारी से परेशान होते हैं पर इसका उपचार आपके रसोई घर में ही मौजूद रहता है।  

तो आइए थोड़ा जानते हैं रसोई के इन मसालों के फायदों के बारे में-

हींग – तेज खांसी में अच्छा निदान प्रदान करता है। पेट दर्द में भी काफी अच्छा काम करती है।हींग कब्ज, बदहजमी आदि में अच्छा काम करती है।यह सौंफ की प्रजाति का ईरानी मूल का पौधा है। हींग को कामेच्छा बढ़ाने वाला भी माना जाता है।

तेज पत्ता – सब्जी में शुरुआत में डाला जाने वाला तेज पत्ता (बे लीफ) अच्छा एंटी बैक्टरिया होता है। इसके साथ ही चर्म रोगों में भी राहत देता है। इसका इस्तेमाल दमपुख्त बनाने में भी होता है।

दालचीनी – दालचीनी पेड़ की छाल है। जिस पेड़ से तेजपत्ता निकलता है उसी की छाल दालचीनी होती है। यह शरीर में इंसुलीन की मात्रा को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाता है। रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा कम करता है।

इलायची इलायची (छोटी) बुरी सांस को रोकता है। यह पाचन संबंधी बीमारियों में भी काफी लाभकारी है। लगातार इलायची चबाना डायबिटिज को भी नियंत्रित करता है।

लौंग -  लौंग ( क्लोव) दांत दर्द में लाभकारी होता है। इसके अलावा यह छाती के दर्द, बुखार, खांसी, सर्दी में भी लाभकारी है। लौंग सूखे हुए फूल की कली है।


हल्दी – हल्दी हमारे सब्जी मसाले का सबसे जरूरी हिस्सा है। पर हल्दी त्वचा के रोगों में काफी लाभकारी है। हल्दी का पाउडर कटे हुए घाव में राहत देता है। यह मधुमेह में भी लाभकारी है। साथ ही इसमेंकैंसररोधी गुण भी पाए जाते हैं। 

धनिया –  सब्जी मसाला का दूसरा प्रमुख अवयव है धनिया। धनिया जोड़ों  के दर्द में काफी लाभकारी है। इसके अलावा धनिया, एलर्जी और बुखार में भी लाभकारी है।

जीरा जीरा को लोहा का अच्छा स्रोत माना जाता है। जीरा शरीर की पाचन क्रिया को ठीक रखता है। जीरा के साथ उबला हुआ पानी दस्त में लाभकारी होता है।


लाल मिर्चकई लोग कहते हैं मिर्च का सेवन कम करनाा चाहिए। पर लाल मिर्च हमारे शरीर में कोलेस्ट्राल बढ़ने से रोकता है। शरीर में कैलोरी बर्न करने में भी मददगार होता है।


काली मिर्च  अब बात काली मिर्च की करें तो यह सर्दी और खांसी के अलावा कई तरह दर्द में काफी लाभकारी होता है। यह हमारे पाचन तंत्र को भी रखता है दुरुस्त।

करी पत्ता करी पत्ता ब्लड शूगर घटाने में लाभकारी है। वहीं इसके सूखे पत्तों से कई तरह की दवाएं भी तैयार की जाती हैं। करी पत्ता दक्षिण भारत में खूब इस्तेमाल होता है। अब उत्तर के लोग भी इसका महत्व समझने लगे हैं।


मेथी – मेथी मां का दूध बढ़ाने में लाभकारी है। डायबिटिज और कोलेस्ट्रोल घटाने में भी लाभकारी। कई लोगों को आलू मेथी की सब्जी खूब पसंद आती है। 


जायफल  जायफल दमा जैसे रोग में लाभकारी होता है, इसका दिल के रोग में काफी बेहतर उपयोग है। जायफल एक सदाबहार वृक्ष होता है।इंडोनेशिया मूल के इस वृक्ष से जायफल और जावित्री प्राप्त होता है।

जाफरान, केसर जाफरान की खुशबू के बारे में तो सुना होगा। पर जाफरान और केसर यह त्वचा संबंधी  रोगों में लाभकारी होता है। इनसे दमा, सर्दी, खांसी का अच्छा उपचार होता है।

चक्र फूल चक्र फूल देखने में सितारे के आकार का होता है। इसे पकने से पहले सूखाकर मसाले के रूप में बेचा जाता है। इसका इस्तेमाल सब्जी और पुलाव को सुगंधित बनाने में किया जाता है। यह हमारे पाचन तंत्र को यह ठीक रखता है। जोड़ों के दर्द में काफी लाभकारी है।


-    -  -- विद्युत प्रकाश मौर्य ( MASALA, SPICE, KITCHEN )   

No comments:

Post a Comment