Friday, October 12, 2012

हैदराबाद का चिड़ियाघर - यहां देखें जंगल में गुर्राता बाघ


हैदराबाद में रहते हुए एक दिन जू देखने का कार्यक्रम बना। मदीना बिल्डिंग से रास्ता पूछते हुए हमलोग जू की ओर चल पड़े। तो यहां के जू का नाम है- 
नेहरू जूलोजिकल पार्क, हैदराबाद
वैसे तो देश कई शहरों में चिड़ियाघर हैं। मैंने दिल्ली, पटना, भुवनेश्वर के पास नंदन कानन, जयपुर जैसे शहरों के चिड़िया घर देखे हैं। लेकिन हैदराबाद के चिड़ियाघर की यादें कुछ अलग हैं। हैदराबाद हाई कोर्ट से कुछ किलोमीटर आगे है शहर का चिड़ियाघर। नेहरु जूलोजिकल पार्क। कई शहरों के जू से यह क्षेत्रफल में बहुत बड़ा नहीं है। जब प्रवेश टिकट लेकर चिड़िया घर में जाते हैं तो बाकि चिड़ियाघरों की तरह ही पिंजड़े में जानवरों को देखते हैं।

अनूठी है जंगल सफारी - हैदराबाद के इस जू की सबसे बड़ी खास बात है सफारी। सफारी का टिकट लेकर आप बंद गाड़ी में नेचुरल जंगल में प्रवेश करते हैं। कई दरवाजों के खुलने और बंद होने के साथ ही आ प्रवेश कर जाते हैं सचमुच के जंगल में। यहां की सड़के कच्ची है। आपकी बंद गाड़ी जंगल में घूमती नजर आती है। अचानक खतरनाक भालू आकर आपके वाहन पर हमला कर देता है। घबराएं नहीं आप सुरक्षित हैं क्योंकि आप बंद गाड़ी यानी पिंजड़े में है जबकि जानवर खुले में है। थोड़ी दूर आगे चलने पर जंगल का गुर्राता हुआ शेर आपको डराता है। वह एहसास करा देता है कि मैं हूं असली सिंह। द सिंह इज किंग। ये जंगल मेरा है यहां के कानून मेरे।



जंगल सफारी की ये बंद गाड़ी कोई पांच किलोमीटर का घुमाव दार सफर कराती है। इस दौरान बंद गाडी में मौजूद कई बच्चे डर जाते हैं तो कमजोर दिल वालों की सांसे तेज हो जाती हैं। थोड़ी देर बाद आप दो दरवाजों को पार करने के बाद फिर से अपनी दुनिया में वापस लौट आते हैं। ये सफारी किसी वंडरलैंड के सफर सा लगता है। जिम कार्बेट और रणथंभौर में गारंटी नहीं होती कि बाघ दिखाई देगा लेकिन हैदराबाद जू की इस सफारी में पूरी गारंटी है कि आपको खतरनाक जानवर बिल्कुल नजदीक से दिखाई देंगे। तो है ना मजेदार सफर।

कुल 380 एकड़ में विस्तार लिए इस जू की स्थापना 6 अक्तूबर 1973 को हुई। इस जू की खास बात है कि यहां जानवरों को जूलोजिकल आर्डर में खुले वन में रखा गया है। इसलिए जानवर यहां खुद को अपने घर में महसूस करते हैं। यानी वे बाकी चिड़ियाघरों की तरह पिंजड़े में बंद नहीं होते। एशियाटिक लायन, रायल बंगाल टाइगर, चीता, भालू यहां की विशेषता है।

खुलने का समय - आमतौर पर चिड़ियाघर सुबह 8 बजे से 5.30 तक खुला रहता है। एक व्यस्क का टिकट 20 रुपये है। चिड़ियाघर घुमने के लिए बैटरी संचालित वाहन भी उपलब्ध है। इसका किराया 40 रुपये प्रति व्यक्ति है। हैदराबाद के मीरआलम टैंक के पास नेशनल हाइवे नंबर 7 के मार्ग पर ये चिड़ियाघर स्थित है।
वैसे यहां बच्चे टॉय ट्रेन से जॉय राइड का भी मजा ले सकते हैं। नौजवान लोग 20 रुपये प्रति घंटे की दर से साइकिल किराये पर लेकर भी चिड़ियाघर की सैर कर सकते हैं। भूख लग जाए तो रिहनो कैंटीन भी आपका इंतजार कर रही है। 

नेहरु जूलोजिकल पार्क की वेबसाइट - http://hydzoo.in/
-    -  विद्युत प्रकाश मौर्य
  

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