Friday, February 8, 2013

कई नामों से जाने जाते हैं ये शहर


भले तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद है, पर इसका सुंदर और बड़ा रेलवे स्टेशन सिकंदराबाद है। मतलब हैदराबाद और सिकंदराबाद एक दूसरे से जुड़े हुए शहर हैं। कई बार एक ही शहर के नए पुराने दो नाम को लेकर काफी लोग भ्रम में भी रहते हैं। कई बार एक शहर में कई प्रमुख रेलवे स्टेशन के कारण भी भ्रम की स्थिति बनती है। तो आइए बात करते हैं कुछ ऐसे ही शहरों की।

हैदराबाद और सिकंदराबाद यानी टिवन सिटी। दोनों रेलवे स्टेशन के बीच की दूरी 10 किलोमीटर है। वैसे हैदराबाद के लोग हैदराबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन के नामपल्ली नाम से बुलाते हैं तो सिकंदराबाद का कोई और नाम नहीं है। हैदराबाद के बिल्कुल बगल में सिकंदराबाद शहर की स्थापना निजाम वंश के निजाम सिकंदर जाह के नाम पर की गई थी। वैसे हैदराबाद में एक और रेलवे स्टेशन है काचीगुडा जहां कई लंबी दूरी की ट्रेनें रुकती हैं।
केरल में पुराने ऐतिहासिक कालीकट शहर का नया नाम है कोझिकोड। पर तमाम लोग अभी भी कालीकट बोलते हैं। इसी तरह कोचीन का नया नाम है कोच्चि। लेकिन एरनाकुलम और कोच्चि करीब करीब एक ही शहर हैं। यहां रेलवे स्टेशन का नाम एरनाकुलम साउथ और एरनाकुलम नार्थ है। कोचीन नाम का कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। इसी तरह त्रिवेंद्रम का नया नाम थिरुवनंतपुरम है। साथ कोचिवेली रेलवे स्टेशन भी इसी शहर का हिस्सा है। इसी तरह कन्याकुमारी और नगरकोइल आसपास के शहर हैं।
तमिलनाडु के लोकप्रिय पर्यटन स्थल उटी का एक और नाम उदघमंडलम भी है। मद्रास का नया नाम चेन्नई हो गया है। पर तमाम लोग अभी भी मद्रास ही बोलते हैं। कई रेलगाड़ियां चेन्नई के इगमोर स्टेशन से खुलती हैं।


गुजरात में अहमदाबाद और गांधीनगर आसपास के शहर हैं। दोनों शहरों के बीच में 40 किलोमीटर की दूरी है जो लगातार बन रही कालोनियों के कारण खत्म हो चुकी है। इसी तरह गुजरात के लोकप्रिय शहर बड़ौदा का नया नाम वडोदरा है।

बंबई का नाम मुंबई हो गया। जैसे दिल्ली में कनॉट प्लेस का नया नाम राजीव चौक है लेकिन काफी लोग उसे संक्षेप में अभी भी सीपी बोलते हैं। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली बिल्कुल मिले हुए शहर हैं। पंजाब में वाघा बार्डर और अटारी पाक सीमा के गांव हैं। पर अटारी भारत में है और वाघा पाकिस्तान में। 

गोवा में मडगांव ओर मरगाओ एक ही शहर के नाम हैं। राजधानी दिल्ली से आपको ट्रेन पकड़ी हो तो नई दिल्ली, दिल्ली, सराय रोहिल्ला, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार जैसे चार टर्मिनल हैं जहां से अलग अलग दिशाओं की ट्रेन खुलती है। यूपी की राजधानी लखनऊ। यहां का रेलवे स्टेशन है लखनऊ जंक्शन पर यहां लोक इसे चार बाग कहते हैं। किसी जमाने में लखनऊ जंक्शन के पास खूबसूरत चारबाग हुआ करता था। अब उसकी स्मृति मात्र है। 

बिहार की राजधानी पटना में पटना जंक्शन
, राजेंद्रनगर, दानापुर, पटना साहिब जैसे स्टेशन हैं तो अब आने वाले दिनों में पाटलिपुत्र नामक नया रेलवे स्टेशन बन गया है जो उत्तर बिहार के लिए बनने वाले रेल पुल से जुड़ेगा। उत्तर बिहार के प्रसिद्ध सोनपुर रेलवे स्टेशन और हाजीपुर के बीच महज छह किलोमीटर का ही अंतर है। अंत में वरुणा और असी नदियों के बीच बसे शहर वाराणसी का नाम तो लेना ही चाहिए जिसे काशी नाम से भी जाना जाता है। यहां पर काशी नाम का एक छोटा सा रेलवे स्टेशन भी है जो वाराणसी मुगलसराय के बीच गंगा पुल से ठीक पहले आता है। 

आंध्र प्रदेश का बड़ा शहर है विशाखापत्तनम। पर इस शहर को अंग्रेजी में लोग वाइजेग भी बोलते हैं। दरअसल विशाखापत्तनम को संक्षेप में विजागापत्तनम कहा जाने लगा और अंग्रेजी में इसका नाम VIZAG हो गया। वहीं यहां वाल्टेयर नामक रेलवे स्टेशन है और इसी नाम से रेलवे का एक प्रसिद्ध डिविजन भी है।
 ---विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
( ( CITY NAME, NEW AND OLD, SOUTH INDIA IN SEVENTEEN DAYS 79  ) 

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