Monday, August 20, 2012

रामोजी फिल्म सिटी की सपनीली दुनिया..

रामोजी फिल्म सिटी एक सपनीली दुनिया है, हालांकि मुझे यहां ज्यादा समय रहने का मौका नहीं मिल सका। पर वे दिन बड़े आनंद के थे। वह 2007 का साल था। मैं दैनिक भास्कर पानीपत में काम करता था सीनियर सब एडीटर के पद पर। तभी एक दिन फोन आया कि आपका ईटीवी हैदराबाद में इंटरव्यू है। आने जाने का एसी 3 का किराया दिया जाएग। मैंने सोचा जब आने जाने का किराया मिल ही रहा तो जाने में क्या दिक्कत। मैं तैयार हो गया, इंटरव्यू देने जाने के लिए। दस साल प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद इलेक्ट्रानिक मीडिया में जाने के बारे में सोचता भी था...आईआईएमसी से निकला था तो बहुत से दोस्त तुरंत ही इलेक्ट्रानिक मीडिया में चले गए थे..पर मैं दस साल से प्रिंट मीडिया में काम कर रहा था।

खैर वह जनवरी की बड़ी ही सर्द सुबह थी जब मैं दक्षिण के शहर हैदराबाद के लिए चला। दिल्ली से मेरी ट्रेन थी निजामुद्दीन स्टेशन से। आंध्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस। पानीपत दफ्तर में रात 2 बजे काम खत्म करके बस से दिल्ली के निकल पड़ा। पानीपत में मेरा आवास बस स्टैंड के ठीक पीछे तहसील कैंप में हुआ करता था। सो दिन हो या रात कभी भी दिल्ली की बस पकड़ने में असुविधा नहीं होती थी। साल 1992 में बेंगलुरू के बाद दक्षिण भारत की दूसरी बार यात्रा थी। एक नया स्ट्राली बैग ले लिया था। एसी 3 में यात्रा बडे मजे से कट गई। सुबह नौ बजे सिकंदराबाद स्टेशन पर पहुंच गया।

सिकंदराबाद स्टेशन पर रामोजी फिल्म सिटी( आरएफसी) की गाड़ी हमारा इंतजार कर रही थी। रेलवे स्टेशन पर ही राजीव गुप्ता से मुलाकात हो गई। वे अमर उजाला दिल्ली से आए थे। आरएफसी में गया तो शांति निकेतन गेस्ट हाउस में ठहराया गया। यह नकली एयरपोर्ट के साथ लगा हुआ है।

इंटरव्यू के दौरान ही तीन दिनों तक रामोजी फिल्म सिटी के गेस्ट हाउस में रहा।इसी दौरान इंटरव्यू भी हुआ। एचआर के एक सज्जन इन तीन दिनों तक हमारे स्वागत और मार्गदर्शन के लिए साथ रहे। इस दौरान कई लोगों से दोस्ती हुई। इस प्रवास के दौरान हम लोग ईटीवी के और रामोजी फिल्म सिटी के चकाचौंध में फंस गए। ईटीवी के एमपी चैनल में मेरा मिड्ल लेवल जर्नलिस्ट के पद पर चयन हो गया।
हमारे बोर्ड में प्रसेनजीत और नरेंद्र जी थे, उन्होंने पूछा कब से ज्वाएन करेंगे , मैंने कहा पहले ऑफर लेटर भेजिए, अपने संस्थान को नोटिस दूंगा उसके बाद आउंगा। पर हमने सोचा हैदराबाद आना हुआ है तो अच्छी तरह घूम लिया जाए। तो हमने रामोजी फिल्म सिटी के नजारे देख लेना तय किया।


रामोजी फिल्म सिटी की जिसे दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी होने का गौरव प्राप्त है...हैदराबाद शहर से बाहर विजयवाड़ा रोड पर इसका विशाल कैंपस है....हर रोज कई हजार टूरिस्ट इस फिल्म सिटी को देखने आते हैं...यहां दर्जनों हिंदी फिल्मों की भी शूटिंग हुई है। इसमें नाचे मयूरी, अमिताभ बच्चन की सूर्यवंशम आदि प्रमुख है। यहां हमने वह घर देखा जो सूर्यवंशम में अमिताभ का घर दिखाया गया है।
फिल्म सूर्यवंशम में अमिताभ बच्चन का घर ( रामोजी फिल्म सिटी)

रामोजी फिल्म सिटी में ही ईटीवी समूह के 12 भारतीय भाषाओं के चैनलों के हेड आफिस हैं...इनमें से चार हिंदी के चैनल भी हैं...इसका मतलब की पत्रकारों की एक बड़ी बिरादरी यहां काम करती है...ईटीवी इलेक्ट्रानिक मीडिया की बड़ी नर्सरी बन चुकी है...सभी बड़े चैनलों में भी ईटीवी के लोग पहुंच चुके हैं...

हरी भरी पहाड़ियों के बीच रामोजी फिल्म सिटी का नजारा बड़ा सुहावना है....विशाल दफ्तर...लंबी चौड़ी कैंटीन और संपन्न रेफरेंस लाइब्रेरी...ईटीवी की खास बातों में से एक है...ईटीवी में काम करने वाले कई लोग बहुत सी बातों को लेकर कुंठित भी रहते हैं पर मैं यहां उनकी चर्चा नहीं करना चाहूंगा.... एक अनुशासन है जिसके बदौलत रामोजी फिल्म सिटी में सारी व्यवस्था चलती है। 

कई दर्जन बसें रोज कर्मचारियों को लेकर फिल्म सिटी में आती हैं....फिर उन्हें छोड़ने के लिए घर भी जाती हैं....पहाड़ों के बीच जब सूरज की पहली किरण फिल्म सिटी में पड़ती है तो सुबह देखने लायक होती है....विशाल हरे भरे पार्क और एक से बढ़कर एक शूटिंग लोकेशन्स रामोजी फिल्म सिटी की विशेषता है....हमेशा यहां किसी न किसी फिल्म की शूटिंग चलती रहती है....रामोजी फिल्म सिटी के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप उनकी आफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं....

पानीपत लौट आने पर औपचारिक बुलावा आ गया। उसके बाद आठ महीने मैंने ईटीवी में गुजारे। इसके मध्य प्रदेश चैनल में। हमारे चैनल के इंचार्ज योगेश जोशी और रुपेश श्रोती से सानिध्य में। आठ महीने के अनुभव बड़े अच्छे रहे। यहां आने पर पता चला कि यहां चार सौ हिंदी पत्रकारों की जमात रहती है। इसमें ज्यादातर लोग वनस्थलीपुरम में रहते हैं। ( इस पर फिर कभी बात करेंगे )

इनाडू समूह और रामोजी फिल्म सिटी - 

1974 में 10 अगस्त को इनाडू समूह रामोजी राव ने विशाखापट्टनम में इनाडू नाम से एक तेलुगु समाचारपत्र की शुरुआत की।

1975 मे 17 दिसम्बर को  इस समाचारपत्र के हैदराबाद संस्करण की शुरुआत से की गई।

1995 में रामोजीराव ने इनाडू टीवी (ई.टीवी) की शुरुआत की। यह एक तेलुगु भाषा का चैनल था।

1997 में 9 सितंबर को रामोजी राव ने हैदराबाद के निकट विजयवाड़ा हाईवे पर रंगारेड्डी जिले में लगभग 1000 एकड़ में फैली एक फिल्म सिटी का भी निर्माण शुरू किया। इसे रामोजी फिल्म सिटी के नाम से जाना जाता है। अब इसका दायरा 1700 एकड़ में है।

- रामोजी फिल्म सिटी संपर्क नंबर - 1800 4250 9999


-विद्युत प्रकाश मौर्य - Email - vidyutp@gmail.com 
( RAMOJI FILM CITY, HYDRABAD, TELNGANA, ANDHRA PRADESH, RANGA REDDY DISTRICT )