Wednesday, May 21, 2014

कालका शिमला रेल - शताब्दी का सफर ((01))

कालका शिमला रेल पर जून 2001 में 
देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन शिमला को जोड़ती कालका शिमला नैरोगेज रेलवे। नौ नवंबर 1903 से शुरू हुआ कालका-शिमला रेल का सफर सौ साल से अधिक गुजर जाने के बाद भी अनवरत जारी है। कालका-शिमला रेल को संक्षेप में केएसआर ( कालका शिमला रेल) कहते हैं। कालका शिमला रेल पहाड़ पर जाने वाले सैलानियों की खास पसंद है। शिमला जाने वाले सैलानी बस के बजाय इस खिलौना ट्रेन से शिमला जाने को प्राथमिकता देते हैं। क्योंकि इस खिलौना ट्रेन का सफर इतना सुहाना है कि जितना मजा शिमला की हसीन वादियों में घूमने में आता है उतना आनंद ये छह घंटे का सफर आपको देता है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित कर रखा है। 
बीसवीं सदी के आरंभ में देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन शिमला को रेल से जोड़ने वाली केएसआर का शुरू हुआ सफर में छोटी छोटी बाधाओं को दूर कर जारी है। ये सर्दी गर्मी बरसात हर मौसम में देशी-विदेशी सैलानियों को शिमला तक का मजेदार सफर कराती है।

कालका - ब्राड गेज और नैरो गेज का रेलवे स्टेशन - सफर की शुरुआत कालका शहर से होती है। कालका हरियाणा राज्य का रेलवे स्टेशन है जो चंडीगढ़ से थोड़ा आगे है। कालका ब्राड गेज का आखिरी रेलवे स्टेशन है। यह कालका शिमला हाईवे से आधा किलोमीटर अंदर है। कालका रेलवे स्टेशन के ब्राडगेज प्लेटफार्म से ही कालका शिमला नैरोगेज लाइन का प्लेटफार्म जुड़ा हुआ है। अगर आप दिल्ली से हिमालयन क्वीन से सुबह अपना सफर शुरू करते हैं तो दोपहर में कालका से शिमला जाने वाली ट्रेन आपको मिल जाती है। अगर आप किसी और समय में कालका पहुंचे हैं तो कालका रेलवे स्टेशन के आसपास होटलों में ठहर कर अगले दिन सुबह कालका से शिमला जाने वाली ट्रेनों से आगे का सफऱ कर सकते हैं।


2100 मीटर पर शिमला रेलवे स्टेशन - तकरीबन 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिमला रेलवे स्टेशन कुछ-कुछ दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन से मिलता-जुलता लगता है। दोनों के एक तरफ ऊंचा शहर तो दूसरी तरफ गहरी घाटी है। 

 समुद्र तल से 2075 मीटर की ऊंचाई पर शिमला रेलवे स्टेशन बड़ा खूबसूरत और साफ-सुथरा है। स्टेशन अपने आप में रेलवे का म्यूजियम सा लगता है। यहां कालका शिमला रेल के बारे में काफी जानकारी चित्रों में उपलब्ध कराई गई है। स्टेशन पर अच्छा सा रेस्टोरेंट भी है। खाने पीने की दरें आपकी जेब के लिए महंगी नहीं है।यहां 55 रुपये में स्पेशल थाली का स्वाद लिया जा सकता है। 


शिमला में सेकेंड क्लास और प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए अच्छे प्रतीक्षालय बने हैं। स्टेशन पर विश्रामलय भी है। पहले से इसमें ठहरने के लिए भी बुकिंग कराई जा सकती है। शिमला उतरने पर अगर आप भूखे हैं तो यहीं से कुछ पेट पूजा करके ही आगे बढ़ें। क्योंकि आगे कहीं भी जाने के लिए चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।


शिमला रेलवे स्टेशन से शहर के दिल यानी मॉल की दूरी महज एक किलोमीटर है। आप टहलते हुए भी जा सकते हैं।

शिमला में बाबा भलकू रेल संग्रहालय- कालका शिमला रेलवे के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने वाले स्थानीय साधु की याद में शिमला में साल 2011 में बाबा भलकू रेल म्युजियम की स्थापना की गई। ओल्ड बस स्टैंड के पास स्थित ये संग्रहालय 7 जुलाई 2011 को उत्तर रेलवे के अंबाला डिविजन की ओर से खोला गया। कालका शिमला रेलवे से जुड़े तमाम पहलुओं से लोगों का साक्षात्कार कराता है। इसका प्रवेश टिकट 20 रुपये का है। इस संग्रहालय में कालका शिमला रेल में इस्तेमाल हुई क्राकरी से लेकर नायब तस्वीरों का संग्रह देख सकते हैं।

कालका शिमला रेल मार्ग पर खिले फूल....


- विद्युत प्रकाश मौर्य
 ( KSR , KALKA SHIMLA RAIL, NARROW GAUGE, HIMACHAL PRADESH  )

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